कोरोना की आशंका से 30 रुपये किलो तक पहुंचा मुर्गा

कोरोना वायरस को लेकर गिरिडीह में भी लोग सशंकित हैं. बाजार पर इसका बुरा प्रभाव पड़ रहा है. सबसे अधिक असर मुर्गा के कारोबार हुआ है. क्योंकि लोग फिलहाल मांसाहार खाने से परहेज कर रह हैं. वहीं कटहल की बिक्री बढ़ गयी है.

गिरिडीह : कोरोना वायरस को लेकर गिरिडीह में भी लोग सशंकित हैं. बाजार पर इसका बुरा प्रभाव पड़ रहा है. सबसे अधिक असर मुर्गा के कारोबार हुआ है. क्योंकि लोग फिलहाल मांसाहार खाने से परहेज कर रह हैं. वहीं कटहल की बिक्री बढ़ गयी है. इसका असर यह हो गया है कि गिरिडीह के बाजार में मुर्गा 30 रुपये किलो बिक रहा है, जबकि कटहल 100 रुपये किलो तक पहुंच गया है. कई दुकानों में तो स्थिति यह दिखी कि एक खड़ा मुर्गा (डेढ़ किलो से कम) 25 रुपये तक बेचा जा रहा है.

मुर्गा कारोबारी पवन कुमार, रवि कुमार, मो. मुमताज, अकेला आदि ने बताया कि कोरोना वायरस के खौफ से मुर्गा की बिक्री पूरी तरह से बंद हो गयी है. दुकान में इक्का-दुक्का ग्राहक की मुर्गा की खरीदारी करने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन कुछ दिनों से तो वह भी बंद हो गया है. बताया कि होली के जैसे त्योहार में मुर्गा की बिक्री नहीं के बराबर हुई है. कहा कि कोरोना की आशंका ने मुर्गा कारोबारियों को परेशान कर दिया है. बताया कि कई दुकानों में तो ग्राहक जिस दाम में मुर्गा मांग रहे हैं, उसी दाम में मुर्गा दिया जा रहा है.

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By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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