एसआईआर में नाम सुधार के लिए उमड़ी भीड़, जाति प्रमाण पत्र की मांग से बढ़ी परेशानी

एसआईआर में मतदाताओं के नाम और पिता के नाम की त्रुटियों को सुधारने के लिए प्रमाण पत्रों की आवश्यकता ने अंचल कार्यालयों में भीड़ बढ़ा दी है. खासकर जाति प्रमाण पत्र की मांग में अप्रत्याशित वृद्धि ने कर्मचारियों के लिए इसे समय पर पूरा करना एक बड़ी चुनौती बना दिया है.

एसआईआर में मतदाताओं के नाम और पिता के नाम में त्रुटि के सत्यापन के लिए प्रमाण पत्रों की आवश्यकता तथा राशनकार्डधारियों से जाति प्रमाण पत्र जमा कराने की बात सामने आने के बाद अंचल कार्यालय में आवेदकों की भीड़ उमड़ रही है. प्रतिदिन दर्जनों लोग संबंधित राजस्व कर्मचारी के पास रिपोर्ट कराने पहुंच रहे हैं. वहीं, प्रज्ञा केंद्रों पर भी बड़ी संख्या में आवेदन जमा हो रहे हैं. ऑनलाइन इंट्री के लिए अचानक आवेदनों की संख्या बढ़ने से अंचल के ऑपरेटरों पर भी काम का दबाव बढ़ गया है.

रोज 200 से अधिक आवेदन, समय पर प्रमाण पत्र बनाना चुनौती

अंचल कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार प्रतिदिन 200 से अधिक आवेदन जमा हो रहे हैं. इन आवेदनों की ऑनलाइन इंट्री के बाद उन्हें अंचल अधिकारी के स्तर पर भेजा जाना है. आवेदनों की अप्रत्याशित वृद्धि के कारण निर्धारित समय में प्रमाण पत्रों का निष्पादन करना कर्मचारियों के लिए चुनौती बन गया है. सत्यापन के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलने से प्रमाण पत्रों की जांच में गड़बड़ी की आशंका भी जतायी जा रही है.

28 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम में त्रुटि

अंचल विभाग के अनुसार एसआईआर के पहले चरण में प्राप्त डाटा में 28 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम और पिता के नाम में त्रुटि सामने आयी है. नाम के सत्यापन के लिए 11 प्रकार के प्रमाण पत्रों में से किसी एक को प्रस्तुत करना आवश्यक है. इनमें आवासीय और जाति प्रमाण पत्र भी शामिल हैं. माना जा रहा है कि कई आवेदकों के लिए इन प्रमाण पत्रों को उपलब्ध कराना अपेक्षाकृत आसान है, इसलिए बड़ी संख्या में लोग जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन कर रहे हैं.

बिचौलिये सक्रिय, फर्जी वंशावली बनाने का आरोप

आवेदकों की संख्या बढ़ने के साथ ही बिचौलियों के सक्रिय होने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं. आरोप है कि कुछ बिचौलिये बीएलओ के साथ मिलीभगत कर त्रुटिपूर्ण आवेदकों की सूची हासिल कर रहे हैं और घर-घर जाकर प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर पैसे की मांग कर रहे हैं. जमीन के दस्तावेज नहीं होने पर एक ही खतियान के आधार पर अलग-अलग लोगों की कथित फर्जी वंशावली तैयार कर जाति प्रमाण पत्र बनवाने की कोशिश किये जाने की भी बात सामने आयी है. इससे भविष्य में प्रमाण पत्रों की जांच के दौरान गंभीर गड़बड़ी सामने आने की आशंका है.

राशनकार्डधारी भी जाति प्रमाण पत्र बनवाने में जुटे

इधर, आपूर्ति विभाग की ओर से प्रखंड के डीलरों को राशनकार्ड में दर्ज नामों में किसी एक सदस्य का जाति प्रमाण पत्र जमा लेने को कहा गया है. राशनकार्ड से नाम कटने की आशंका के चलते कार्डधारी भी परिवार के एक सदस्य का जाति प्रमाण पत्र बनवाने में जुट गये हैं. इससे अंचल कार्यालय और प्रज्ञा केंद्रों पर आवेदकों की संख्या और बढ़ गयी है.

अधिक राशि वसूलने पर होगी कार्रवाई

अंचल अधिकारी सफी आलम ने कहा कि ऑपरेटरों को अधिक से अधिक प्रमाण पत्रों के आवेदनों को आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि प्रज्ञा केंद्र संचालकों द्वारा निर्धारित राशि से अधिक वसूली की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जायेगी. बिचौलियों पर भी नजर रखी जा रही है. उन्होंने कहा कि एक से अधिक आवेदन लेकर आने वाले लोगों की भी जांच की जा रही है.


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By Ashok sharma

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