Giridih News :बैंक लोन की राशि डायवर्ट करने मामले में व्यवसायी अमित केजरीवाल समेत कई से पूछताछ

Giridih News :यूको बैंक से लोन लेकर फंड डायवर्ट करने के मामले में स्वाति माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड की कार्यशैली की जांच सीबीआइ ने शुरू कर दी है.

सीबीआइ ने स्वाति माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर अमित केजरीवाल समेत कई लोगों से पूछताछ की है. अमित केजरीवाल गिरिडीह में स्वाति कोनकास्ट फैक्ट्री का संचालन करते हैं और स्वाति माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के प्रमोटर और जमानतदार भी थे. मिली जानकारी के अनुसार स्वाति माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड ने 7.25 करोड़ रुपये यूको बैंक से ऋण लिया था. ऋण लेने के बाद कंपनी पर फंड डायवर्ट कर देने का आरोप है. इस मामले में यूको बैंक की शिकायत पर सीबीआइ ने मामला दर्ज कर जांच-पड़ताल शुरू की है. गुरुवार को सीबीआइ ने कोलकाता के न्यू अलीपुर और न्यू टाउन इलाके में छापामारी करने के साथ-साथ गिरिडीह में प्रमोटर और जमानतदार अमित केजरीवाल से भी लगभग दस घंटे तक पूछताछ की है.

यूको बैंक की शिकायत पर सीबीआइ ने किया है मामला दर्ज

बैंक से ऋण के रूप में मोटी रकम लेकर वापस नहीं करने और फंड को डायवर्ट करने के मामले को लेकर यूको बैंक ने केंद्रीय अन्वेशन ब्यूरो की एसीबी विंग कोलकाता में मामला दर्ज कराया है. 30 दिसंबर, 2025 को यूको बैंक के डीजीएम के लिखित शिकायत पर सीबीआई ने इस मामले को आपराधिक साजिश रचने और धोखाधड़ी करने समेत कई आरोपों में मामला दर्ज किया है.

लोन लेकर फर्जी देनदारों को कर दिया फंड डायवर्ट

मिली जानकारी के अनुसार स्वाति माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड ने वर्ष 2004 में 7.25 करोड़ रुपये कोलकाता स्थित यूको बैंक से वर्किंग कैपिटल के रूप में लिया था. लेकिन, कंपनी ने इस राशि को विभिन्न लेनदारों को ट्रांसफर कर दिया. आरोप है कि जिस कार्य के लिए कंपनी ने ऋण के रूप में इतनी मोटी रकम हासिल की, उस कार्य के लिए उसे खर्च नहीं किया. बल्कि गलत तरीके से किसी अन्य फर्जी लेनदारों के नाम पर ट्रांसफर कर दिया. बताया जा रहा है कि जिन लेनदारों को रकम ट्रांसफर किये गये हैं, वह लेनदार थे ही नहीं. इतना ही नहीं, कंपनी ने अपने समूह कंपनियों में भी फंड को ट्रांसफर किया है.

2004 में यूको बैंक से लिया लोन, 20 वर्ष बाद भी नहीं लौटायी राशि

वर्ष 2004 में लोन लेने के बाद कंपनी ने 2019 तक बैंक खाते का संचालन मनमानेपूर्वक किया. इस दौरान बैंक की ऋण की रकम जान बूझकर वापस नहीं की गयी. बैंक का आरोप है कि कंपनी ने जान बूझकर नियमों का उल्लंघन किया. अंतत: बैंक को ऋण की रकम वापस नहीं होने के कारण कंपनी एनपीए में चली गयी.

अमित और श्रवण समेत कई लोग हैं आरोपित

सीबीआइ ने जो मामला दर्ज किया है, उसमें गिरिडीह के अमित केजरीवाल भी शामिल हैं. अमित केजरीवाल समेत कई लोगों को इस मामले में आरोपित किया गया है. मिली जानकारी के अनुसार स्वाति माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक गिरजा ठाकुर व सम्राट चक्रवर्ती के अलावे प्रमोटर व जमानतदार अमित कुमार केजरीवाल, श्रवण कुमार केजरीवाल के साथ-साथ कई अज्ञात सरकारी व गैर सरकारी लोगों को भी आरोपी बनाया गया है. अमित और श्रवण केजरीवाल स्वाति माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर के अलावे जमानतदार भी हैं.

गिरिडीह में भी सीबीआइ खंगाल रही है बैंक की राशि निवेश का सुराग

सूत्रों का कहना है कि सीबीआइ ने कोलकाता के न्यू और न्यू टाउन इलाकों में जो छापामारी की है, उसमें कई महत्वपूर्ण जानकारियां उन्हें मिली है. छापामारी के दौरान सीबीआइ ने स्वाति माइनिंग से जुड़े दस्तावेज, कई डिजिटल सबूत और वित्तीय रिकार्ड को खंगाला है. न्यू अलीपुर और न्यू टाउन इलाके में स्थित कार्यालय का संबंध अमित कुमार केजरीवाल और श्रवण कुमार केजरीवाल से बताया जा रहा है. कई सुराग हाथ लगने के बाद सीबीआइ ने गिरिडीह की ओर रूख किया. गिरिडीह में अमित कुमार केजरीवाल से पूछताछ के बाद सीबीआइ ने गुपचुप तरीके से कई जांच-पड़ताल भी की. बताया जा रहा है कि गिरिडीह में स्थित स्वाति कोनकास्ट नामक फैक्ट्री के बाबत भी कई जानकारियां हासिल की है. फंड डायवर्ट कर दूसरे कंपनियों में खपाने के मामले पर सुराग खंगालने में सीबीआइ जुटी हुई है. गिरिडीह के कई इलाकों में अमित केजरीवाल के बाबत जानकारियां ली गयी है. यह भी बताया जा रहा है कि कुछ दिनों पूर्व इन कंपनियों से जुड़े लोगों ने जमशेदपुर में भी व्यवसाय शुरू किया था जिसपर सीबीआइ की नजर है.

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By PRADEEP KUMAR

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