-बीएनएस डीएवी में भगवान बिरसा मुंडा व महात्मा एनडी ग्रोवर की जयंती मनी

Giridih News :बीएनएस व सीसीएल डीएवी पब्लिक स्कूल में भगवान बिरसा मुंडा व शिक्षाविद महात्मा एनडी ग्रोवर की जयंती मनायी गयी. उपस्थित लोगों ने दोनों के श्रद्धाजलि दी.

विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं व कर्मचारियों ने भी श्रद्धा सुमन अर्पित किये. विद्यालय में हवन भी हुआ. इसमें शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मचारियों ने भाग लिया. कार्यक्रम का संचालन नीलिमा पांडेय ने किया. वरिष्ठ हिंदी शिक्षक शिवशंकर सिंह ने भगवान बिरसा मुंडा व एनडी ग्रोवर के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला. कहा कि आदिवासी समाज के लिए दोनों महान विभूतियों ने जो त्याग, तपस्या और बलिदान दिया है, उसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता. एनडी ग्रोवर आर्य समाज के ऐसे कार्यकर्ता थे, जिन्होंने एंग्लो वैदिक कॉलेज (डीएवी) के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी व शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने का सफल प्रयास किया. मौली दासगुप्ता, व्यास कुमार झा व पार्थसारथी त्रिगुनाइत ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम को सफल बनाने में सीसीए की टीम व विद्यालय के कर्मचारियों का योगदान रहा.

डीएवी सीसीएल में भी हुआ आयोजन

इधर, डीएवी पब्लिक स्कूल सीसीएल में भगवान शनिवार को बिरसा मुंडा, महात्मा नारायण दत्त ग्रोवर की जयंती और झारखंड राज्य की रजत जयंती कार्यक्रम का आयोजन किया गया. शुरुआत यज्ञ व हवन से हुई. पूरा विद्यालय परिवार ने पूर्णाहुति देकर दोनों महान विभूतियों को याद कर उनके पद चिह्नों को आत्मसात करने पर बल दिया. प्राचार्य ओमप्रकाश गोयल के नेतृत्व में विद्यालय परिवार ने भगवान बिरसा मुंडा और महात्मा एनडी ग्रोवर को पुष्प अर्पित किया गया. संगीत शिक्षक अवनीत कुमार ने भजन प्रस्तुत किया. विद्यालय के बच्चों ने लोकनृत्य के माध्यम से ईशा कुमारी और ज्योति कुमारी ने झारखंड की लोक संस्कृति और धरोहरों को जीवंत किया. अर्पिता कुमारी ने भगवान बिरसा मुंडा के जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं को प्रस्तुत किया. वहीं सुधांशु ने महात्मा एनडी ग्रोवर के कर्मयोगी होने की यात्रा की प्रस्तुति दी. विद्यालय के प्राचार्य ने कहा कि हम सबको गर्व है कि हम सब एक साथ इन दोनों महान विभूतियों का जन्मोत्सव एक साथ व झारखंड राज्य के रजत दिवस मना रहे हैं. उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा की जीवनी पर प्रकाश डाला. साथ ही महात्मा एनडी ग्रोवर को नमन करते हुए कहा कि उन्हें पूर्वी भारत का गांधी कहा जाता है. उन्होंने अपने सादा जीवन उच्च विचार शिक्षा का विस्तार और भारतीय वैदिक संस्कृति का उत्थान के लिए आजीवन बिना वेतन के कार्य करते रहे. संचालन शिक्षक नव किशोर हलदर व धन्यवाद ज्ञापन सुपरवाइजरी हेड शबाना रब्बानी ने किया.

पार्श्वनाथ सहोदया विद्यालय समूह की हुई बैठक

विद्यालय के एटीएल कक्ष में डॉ प्रवीर हाजरा की अगुवाई में पार्श्वनाथ सहोदया विद्यालय समूह की बैठक हुई. इसमें जिले के सीबीएसई से संबंधित सभी निजी विद्यालय के प्राचार्य और कई शिक्षक शामिल हुए. सचिव ओमप्रकाश गोयल, उपाध्यक्ष आनंद कमल, बीएनएस डीएवी के प्राचार्य योगेश्वर शर्मा, किरण पब्लिक स्कूल के प्राचार्य राजीव रंजन सिंह अन्य मौजूद थे. संचालन विश्वनाथ घोषाल और काकोली शाह ने किया.

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Author: PRADEEP KUMAR

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