गिरिडीह. जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में कथित अनियमितता की जांच कर रही सीआइडी की कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ रहा है. जांच के क्रम में सीजीएल परीक्षा में सफल चार अन्य अभ्यर्थियों को नोटिस जारी किया गया है. सीआइडी के निर्देश पर बेंगाबाद पुलिस ने ताराटांड़ पंचायत के बड़ियाबाद, मोतीलेदा पंचायत के सिजुआ, बदवारा पंचायत के मुरगुमी समेत एक अन्य सफल अभ्यर्थी को नोटिस दिया है. सभी को पूछताछ के लिए रांची में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है.
लगातार नोटिस से बढ़ी चिंता
सीजीएल परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को लगातार नोटिस जारी किये जाने से बेंगाबाद क्षेत्र में हलचल बढ़ गयी है. सफल अभ्यर्थियों और उनके परिजनों में भी चिंता देखी जा रही है. हालांकि, नोटिस जारी होना अपने आप में किसी अभ्यर्थी की संलिप्तता साबित नहीं करता है. सीआइडी जांच के दौरान संबंधित अभ्यर्थियों से परीक्षा से जुड़ी जानकारी और अन्य तथ्यों के संबंध में पूछताछ कर सकती है.
पहले सहायक शिक्षक और एएसओ से हुई थी पूछताछ
इससे पहले सीआइडी की टीम ने बदवारा पंचायत के हथबोर गांव निवासी सहायक शिक्षक विकास पांडेय को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी. विकास पांडेय को सीजीएल परीक्षा में कथित मास्टरमाइंड बताये जा रहे टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी का ससुर बताया गया है.
वहीं, रांची में एएसओ के पद पर पदस्थापित समीर उर्फ सालू को भी बेंगाबाद स्थित उसके मिष्टान्न भंडार से हिरासत में लिया गया था. पूछताछ के बाद उसे जेल भेजे जाने की जानकारी सामने आयी है.
मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण किये गये जब्त
27 अगस्त को रांची से पहुंची सीआइडी की टीम ने देर रात बेंगाबाद के एक मिष्टान्न भंडार में छापेमारी कर समीर उर्फ सालू को गिरफ्तार किया था. बताया गया कि सीजीएल परीक्षा में सफल होने के बाद उसकी नियुक्ति रांची में एएसओ के पद पर हुई थी. रक्षाबंधन के अवसर पर वह छुट्टी लेकर बेंगाबाद आया था.
कार्रवाई के दौरान सीआइडी ने बेंगाबाद पुलिस के सहयोग से उसके घर के सदस्यों के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किये थे. जांच में सामने आये तथ्यों के आधार पर उससे पूछताछ की गयी और बाद में उसे जेल भेज दिया गया.
तकनीकी जानकारी के इस्तेमाल का आरोप
सूत्रों के अनुसार, समीर कुमार उर्फ सालू पूर्व में टीसीएस कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत था. प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन से जुड़े तकनीकी अनुभव के कारण सीजीएल परीक्षा के लिए एजेंसी बदलने के बाद तकनीकी जानकारी हासिल करने के सिलसिले में उससे संपर्क किये जाने की बात कही जा रही है.
सूत्रों के मुताबिक, परीक्षा एजेंसी को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए गठित टीम में समीर के शामिल होने की बात भी सामने आयी है. इसी दौरान उस पर सीजीएल परीक्षा में कथित सेटिंग करने का आरोप लगा. आरोप है कि तकनीकी जानकारी का लाभ उठाकर उसने खुद भी परीक्षा दी और बेहतर रैंक हासिल कर एएसओ पद पर चयनित हुआ.
हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी. फिलहाल सीआइडी उपलब्ध तथ्यों और संबंधित लोगों से पूछताछ के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है. चार और सफल अभ्यर्थियों को नोटिस जारी किये जाने के बाद बेंगाबाद में सीजीएल परीक्षा से जुड़ी जांच को लेकर गतिविधियां और तेज हो गयी हैं.
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