कार्यक्रम का उद्घाटन बीडीओ मनोज मरांडी ने किया. प्रखंड प्रमुख सविता टुडू मुख्य रूप से इसमें उपस्थित थीं. बीडीओ ने प्रत्येक विद्यालय में औसत उपस्थिति कम से कम 70 प्रतिशत तक पहुंचाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया.
विशेष अभियान चलाकर उपस्थिति सुधारी जाये
मौके पर अधिकारियों और शिक्षकों को छूटे हुए तथा पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों की पहचान कर दोबारा उनका नामांकन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. मौके पर बीडीओ ने विद्यालयों में नियमित उपस्थिति बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने पर बल दिया. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों से छह वर्ष की आयु पूरी कर चुके सभी बच्चों का नजदीकी प्राथमिक विद्यालयों में अनिवार्य रूप से नामांकन कराया जाए. यह भी निर्देश दिया गया कि जिन विद्यालयों में उपस्थिति दर 30-40 प्रतिशत के बीच है, वहां विशेष अभियान चलाकर स्थिति सुधारी जाए. बीआरपी, सीआरपी और शिक्षकों को इसमें सक्रिय भूमिका निभाने की जिम्मेदारी दी गयी.छात्रों से संबंधित पोर्टल अपडेट रहे
बैठक के दौरान छात्रों से संबंधित आंकड़ों को पोर्टल पर नियमित और अद्यतन रखने के भी निर्देश दिये गये. अभियान की निगरानी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया. बैठक में बीइइओ सोपन कुमार मंडल, बीपीओ बशील मरांडी, सांसद प्रतिनिधि मिराज आलम, कल्याण पदाधिकारी दिलीप बरनवाल, मुखिया सुनैना पाठक, रामसागर किस्कू, सोमरा हेंब्रम, पंसस केशव पाठक, सुशील टुडू, भवानी देवी, शिक्षक रामकिंकर उपाध्याय, सफदर अली, महेंद्र प्रसाद, सुशील कुमार, ज्योति कुमारी, राजश्री लाल, प्रियंका सिंह, बीआरपी अनीश अंसारी, सीआरपी आशीष कुमार, रविन्द्र वर्मा, गुही राम साव, सर्वेश लाल, जयप्रकाश नारायण, चरकू हेंब्रम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित थे.
