Giridih News :वन परिसर में जमा माइका-ढिबरा की नीलामी नौ सितंबर को

Giridih News :कार्यालय वन प्रमंडल पदाधिकारी पूर्वी ने सूचना जारी कर नौ सितंबर को गावां, खुरचुट्टा और गिरिडीह वन परिसर में जमा माइका-ढिबरा की नीलामी लाइसेंसी माइका व्यवसायियों के बीच की जायेगी. नीलामी का पत्र जारी होते ही तिसरी व गावां के माइका माफियाओं में खलबली मची हुई है. क्षेत्र में यह चर्चा होने लगी है कि जब पूरे झारखंड में माइका खरीदने और बेचने का लाइसेंस किसी के पास नहीं है, तो माइका किसे दिया जायेगा.

वन प्रमंडल पदाधिकारी ने कहा : लाइसेंस नहीं होने पर रद्द होगी नीलामी

राज्य में किसी के पास नहीं है माइका खरीदने और बेचने का लाइसेंस

कार्यालय वन प्रमंडल पदाधिकारी पूर्वी ने सूचना जारी कर नौ सितंबर को गावां, खुरचुट्टा और गिरिडीह वन परिसर में जमा माइका-ढिबरा की नीलामी लाइसेंसी माइका व्यवसायियों के बीच की जायेगी. नीलामी का पत्र जारी होते ही तिसरी व गावां के माइका माफियाओं में खलबली मची हुई है. क्षेत्र में यह चर्चा होने लगी है कि जब पूरे झारखंड में माइका खरीदने और बेचने का लाइसेंस किसी के पास नहीं है, तो माइका किसे दिया जाएगा. चर्चा यह भी है कि इसमें कहीं कोई बड़ा खेल तो नहीं है. कइयों का कहना है कि एक तरफ वन विभाग वन क्षेत्र में अवैध खनन और अवैध माइका की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए लगातार छापेमारी अभियान चला रहा है और माइका माफियाओं को चिह्नित कर कार्रवाई भी कर रहा है, वहीं दूसरी ओर वन विभाग के आला अधिकारी माइका की नीलामी कर अवैध खनन करने वालों को दूसरे रास्ते से बढ़ावा दे रहे हैं. कुछ व्यवसायियों का कहना है कि माइका खरीदने और बेचने का लाइसेंस किसी के पास नहीं है. गिरिडीह मुख्यालय में भी जो दो चार व्यवसायी हैं, उनके पास राजस्थान से ब्लॉक माइका लाने और फिर उसे वापस राजस्थान में ही बेचने के कागजात हैं. फिर ऐसे में माइका की नीलामी किसे की जायेगी. सूत्रों के अनुसार वन विभाग द्वारा उक्त नीलामी से संबंधित पत्र जारी होने के पूर्व गिरिडीह के एक-दो बड़े कारोबारी गावां वन क्षेत्र परिसर में भंडारित माइका को देखने पहुंचे थे. नेता प्रतिपक्ष के विधायक बाबूलाल मरांडी के जिला प्रतिनिधि अशोक उपाध्याय ने कहा कि वन विभाग द्वारा जब्त किये गये वाहनों की नीलामी की जा चुकी है और यह न्यायसंगत मानी जा सकती है, लेकिन माइका वर्तमान में शुद्ध रूप से सरकार और प्रशासन की नजर में अवैध है. इसकी खरीद बिक्री के लिए किसी के पास न तो लाइसेंस है और न कोई कानूनी अधिकार है, तो ऐसे में माइका की नीलामी करवाना मेरी समझ से गलत है.

क्या कहते हैं वन प्रमंडल अधिकारी

वन प्रमंडल गिरिडीह पूर्वी के अधिकारी मनीष तिवारी ने कहा कि इस संबंध में वन अधिकारियों से चर्चा हुई है. यदि किसी व्यवसायी के पास माइका की खरीद बिक्री का कोई दस्तावेज नहीं मिला, तो ऐसे में माइका की नीलामी रद्द कर दी जायेगी. उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में अवैध खनन को बढ़ावा नहीं दिया जायेगा और ना ही किसी माइका माफिया के बीच नीलामी की जायेगी.

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Author: PRADEEP KUMAR

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