Giridih News :अन्नपूर्णा देवी व डॉ नीरा यादव ने प्रमाण सागर से लिया आशीर्वाद

Giridih News :सम्मेद शिखर मधुबन स्थित गुणायतन में विराजमान मुनि श्री प्रमाण सागर ने कहा कि माता-पिता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है. क्योंकि, मानव जीवन हमें उन्हीं के माध्यम से प्राप्त होता है. कहा कि हमारी संस्कृति में कृतज्ञता को सर्वोच्च गुण माना गया है.

माता-पिता के प्रति श्रद्धा, सेवा व समर्पण ही सच्चा धर्म है. बता दें कि मुनि श्री इन दिनों मधुबन स्थित गुणायतन में संघ सहित विराजमान हैं. प्रतिदिन देश-विदेश से लाखों लोग ऑनलाइन उनके प्रवचन सुन रहे हैं तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु आशीर्वाद लेने पहुंच रहे हैं. बुधवार को केंद्रीय महिला व बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी तथा कोडरमा विधायक डॉ नीरा यादव ने मुनि श्री से आशीर्वाद लिया. इस अवसर पर मुनि श्री ने ‘व्हील टू हील’ व ‘भावनायोग : जीवन का विज्ञान’ पुस्तक भेंट की. उन्होंने कहा कि भावनायोग केवल शरीर को स्वस्थ रखने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि जीवन को भीतर से बदलने की साधना है. सकारात्मक भावनाएं मन, तन और चेतना को पवित्र बनाती हैं, जबकि ईर्ष्या, क्रोध और नकारात्मकता जीवन में तनाव व अशांति बढ़ाती है

‘मातृ देवो भव, पितृ देवो भव’ हमारी संस्कृति की महान परंपरा

मुनि श्री ने कहा कि ‘मातृदेवो भव, पितृदेवो भव’ हमारी संस्कृति की महान परंपरा है. गणेशजी की कथा इसका श्रेष्ठ उदाहरण है, जिसमें माता-पिता की सेवा को समस्त तीर्थों के पुण्य के समान बताया गया है. उन्होंने प्रामाणिक पाठशाला की सराहना करते हुए कहा कि यह बच्चों में नैतिक संस्कार विकसित करने का प्रभावी माध्यम बन रही है तकनीक का सही उपयोग बच्चों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है.

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Author: PRADEEP KUMAR

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