जानकारी के अनुसार गिरिडीह क्रिकेट संघ ने 27 खिलाड़ियों का डेटा झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन को भेजा था. इनमें से 15 खिलाड़ियों का चयन अंडर-19 टीम के लिए किया गया, जबकि शेष खिलाड़ियों को चयन से बाहर रखा गया. चयन सूची जारी होते ही वंचित खिलाड़ियों ने प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए विरोध दर्ज कराया. विरोध कर रहे खिलाड़ी अभिमन्यु सिंह, पंचानंद सिंह और अरविंद कुमार ने आरोप लगाया कि चयन में पारदर्शी नहीं बरती गयी है. चयनित अधिकांश खिलाड़ी किसी न किसी क्रिकेट अकादमी से जुड़े हुए हैं. उन्होंने दावा किया कि जिले के कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को नजरअंदाज किया गया, जिससे उनमें आक्रोश है. खिलाड़ियों और उनके समर्थकों ने चयनित खिलाड़ियों की बस को रोककर विरोध प्रदर्शन किया. हालांकि, मौके पर मौजूद गिरिडीह क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों, वरिष्ठ खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ. विरोध के बावजूद चयनित खिलाड़ी अंडर-19 क्रिकेट प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए बोकारो रवाना हो गये.
दस्तावेज में त्रुटी के कारण 12 खिलाड़ी चयन से बाहर हुए : सचिव
गिरिडीह जिला क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव संतोष तिवारी ने बताया कि रविवार को जब चयनित टीम बोकारो रवाना होने के लिए बस स्टैंड पहुंची थी, उसी दौरान कुछ खिलाड़ियों ने हंगामा किया. संतोष ने बताया कि 27 खिलाड़ियों के दस्तावेज जांच कर 22 दिसंबर को झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन (जेएससीए) कार्यालय रांची भेजा गया था. जेएससीए कार्यालय में दस्तावेजों की जांच के बाद सूची वापस आयी, जिसमें 15 खिलाड़ियों का चयन किया गया, जबकि 12 खिलाड़ियों को दस्तावेजी त्रुटियों के कारण चयन से बाहर किया गया. उन्होंने कहा कि किसी भी खिलाड़ी को गिरिडीह जिला क्रिकेट एसोसिएशन ने मनमाने ढंग से नहीं हटाया है. बीसीसीआई के निर्धारित नियमों के अनुसार नौ सितंबर 2024 के बाद जारी किये गये जन्म प्रमाणपत्र मान्य नहीं हैं, जिसके कारण कुछ खिलाड़ियों के दस्तावेज स्वीकार नहीं किये गये. इसके अलावा कुछ खिलाड़ियों के कागजात स्कैन नहीं हो पा रहे थे, जबकि कुछ में अन्य त्रुटियां पायी गयीं. कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह नियमों और दिशा-निर्देशों के तहत की गयी है. इसमें किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है.
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