लोग लगातार गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे थे. नगर पंचायत अध्यक्ष शोभा देवी ने बताया कि उक्त स्थल पर 530 फीट नाली का निर्माण नगर पंचायत मद से कराया जा रहा है. इसकी लागत 16 लाख रुपये है. क्षेत्र के लोगों से सूचना मिली थी कि नाली निर्माण कार्य में भारी अनियमितता बरती जा रही है.
जांच में शिकायत मिली सही, काम पर रोक
शिकायत के आधार पर स्थल की जांच करायी गयी, जिसमें शिकायत सही मिली. उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था. जुड़ाई में ईंट रखकर ऊपर सीमेंट से ढलाई की जा रही थी. मामले को गंभीरता से लेते हुए फिलहाल कार्य पर रोक लगा दी गई है. उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर जांच करायी जायेगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करते हुए पुन: निर्माण कार्य शुरू किया जायेगा.
कार्यपालक पदाधिकारी से जांच की मांग
इधर, झामुमो के फागू पंडित, जेएलकेएम के धर्मपाल महतो, भाकपा माले के प्रमोद मंडल, कुश कुशवाहा ने भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाये हैं. शिकायत पर सभी मौके पर पहुंचे और कार्य का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान पाया गया कि नाली निर्माण में ईंटों की जुड़ाई उचित तरीके से सीमेंट से नहीं की जा रही थी. आठ एमएम की तीन छड़ व ढलाई में बांस की बल्ली का उपयोग करने का आरोप लगाया गया. स्थानीय लोगों ने कार्यपालक पदाधिकारी व संबंधित विभागीय अधिकारियों से कार्य की जांच कराने व गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने की मांग की है. मौके पर वार्ड सदस्य सोनी कुमारी, मंजू देवी सहित अन्य थे.
