स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कई बार मांग की, लेकिन कोई पहल नहीं हुई. इसके कारण महिला मरीज इलाज के लिए सरकारी अस्पताल की जगह निजी अस्पताल में करवाती थी. अब यहां जिला से महिला चिकित्सक डॉ बबली जया मुर्मू को पदस्थापित किया गया है. महिला चिकित्सक के आने के बाद बेंगाबाद के ग्रामीण क्षेत्रों के महिला मरीजों ने राहत की सांस ली है. बता दें कि पूर्व में यहां महिला चिकित्सक के रूप में डॉ सुनीला को पदस्थापित किया गया था. उनके कार्यकाल में महिला मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन उन्हें जिले के चैताडीह मातृत्व अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया. डॉ सुनीता के जाने के पांच साल से अधिक बीतने के बाद विभाग ने पुन: महिला चिकित्सक दिया है.
सड़क पर प्रसव के बाद विभाग की टूटी नींद
बता दें कि 23 फरवरी को केंद्र में प्रसव के लिए लुप्पी पंचायत के धोबनी गांव से रूपा हांसदा पहुंची थी. महिला चिकित्सक के नहीं रहने के कारण प्रसव की जिम्मेदारी एएनएम के भरोसे थी. दिनभर उसे अस्पताल में भर्ती रखने के बाद एएनएम ने उसकी स्थिति गंभीर बताते हुए अन्य अस्पताल में ले जाने की सलाह परिजनों को दी. लेकिन, एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं करायी गयी. महिला परिजनों के साथ पैदल अस्पताल से निकलकर सड़क पर टेंपो पकड़ने निकली. अस्पताल से कुछ दूर जाने के बाद ही पीसीसी सड़क पर उसने बच्चे को जन्म दे दिया. इसके बाद एएनएम व स्वास्थ्य कर्मियों के हाथ पांव फूलने लगे. मामला हाइलाइट होने पर सीएस ने तत्काल ऑन ड्यूटी दो एएनएम को यहां से हटाकर महिला चिकित्सक की व्यवस्था की बात कही. सीएस की पहल पर यहां महिला चिकित्सक की व्यवस्था की गयी. महिला चिकित्सक के आने से बेंगाबाद की महिलाओं को काफी लाभ होगा.
सप्ताह में दो दिन है ड्यूटी
जानकारी देते हुए अस्पताल प्रबंधक अरविंद कुमार ने कहा महिला चिकित्सक डॉ बबली जया मुर्मू यहां पदस्थापित हुईं हैं. वह सप्ताह के गुरुवार और शनिवार को यहां बैठतीं हैं. बताया कि अस्पताल में वर्तमान में 21 एएनएम और तीन जीएनएम कार्यरत हैं. बड़ी संख्या में महिलाएं यहां प्रसव के लिए पहुंचती है. महीने का आंकड़ा बताता है कि प्रत्येक माह दो सौ से अधिक महिलाओं की यहां डिलिवरी करायी जाती है. ऐसे में महिला चिकित्सक की यहां जरूरत महसूस की जा रही थी.
