बिरनी प्रखंड के तेतरिया सलयडीह पंचायत अंतर्गत हरिहरपुर गांव में जमीन विवाद को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गये हैं. गांव निवासी चंद्रशेखर यादव ने कुछ लोगों पर शिक्षण केंद्र में घुसकर गोली चलाने, आग लगाकर जिंदा जलाने का प्रयास करने और लूटपाट करने का आरोप लगाया है. इस संबंध में उन्होंने बिरनी थाना में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है. वहीं, नामजद पक्ष के नकुल साव ने आरोपों को खारिज करते हुए इसे जमीन विवाद से जुड़ी साजिश बताया है. पुलिस ने भी गोलीबारी के आरोप को गलत बताया है.
रात में शिक्षण केंद्र पहुंचने और गोली चलाने का आरोप
चंद्रशेखर यादव के अनुसार, 21 अगस्त की देर रात करीब 12.15 बजे वह कारू यादव और सुरेंद्र यादव के साथ शिक्षण केंद्र के कार्यालय में सोये हुए थे. इसी दौरान नकुल साव, गोविंद साव, जीतन साव, सुमन साव समेत कई लोग वहां पहुंचे. आरोप है कि उनके साथ करीब 30 अज्ञात लोग भी थे. सभी ने कार्यालय के दरवाजे पर जोर-जोर से धक्का देकर दरवाजा खोलने को कहा. दरवाजा नहीं खोलने पर कथित रूप से गोलीबारी शुरू कर दी गयी.
चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने खिड़की को धारदार हथियार से क्षतिग्रस्त कर उसमें आग लगा दी. इस दौरान शिक्षण केंद्र में मौजूद लोगों ने जान बचाने के लिए अपने परिजनों को सूचना दी. उनके भाई मनोज यादव ने रात में ही पुलिस को घटना की जानकारी दी. सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, जिसके बाद वहां मौजूद लोग भाग गये.
नकद और सामान समेत दो लाख की संपत्ति जलने का दावा
आवेदन में चंद्रशेखर यादव ने आरोप लगाया है कि घटना में शिक्षण केंद्र में रखे 50 हजार रुपये नकद, पुस्तकें, नामांकन पंजी, कुर्सी, टेबल समेत करीब दो लाख रुपये की संपत्ति जलकर नष्ट हो गयी. उन्होंने पुलिस से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.
नकुल साव ने आरोपों को बताया साजिश
वहीं, नकुल साव ने चंद्रशेखर यादव के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है. उन्होंने कहा कि महेंद्र यादव, मनोज यादव और चंद्रशेखर यादव ने षड्यंत्र रचकर ग्रामीणों को झूठे मुकदमे में फंसाने का प्रयास किया है. उनके अनुसार पुलिस के घटनास्थल पर पहुंचने के समय वहां आग नहीं लगी थी. पुलिस के जाने के बाद आग लगायी गयी.
नकुल साव ने कहा कि विवादित खास गैरमजरुआ जमीन को लेकर दोनों पक्षों में विवाद है. उनका दावा है कि संबंधित जमीन सोमर साव को पट्टे से प्राप्त हुई है, जिस पर महेंद्र यादव बिना कागजात के कब्जा करने के लिए घेराबंदी कर रहे हैं. विरोध करने पर ग्रामीणों को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती है.
थाना प्रभारी बोले- गोलीबारी के आरोप की पुष्टि नहीं
बिरनी थाना प्रभारी आकाश भारद्वाज ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही एसआई लालचंद महतो पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे थे. उन्होंने वहां मौजूद लोगों को हटाया. थाना प्रभारी के अनुसार, पुलिस के पहुंचने तक शिक्षण कार्यालय में आग नहीं लगी थी. उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा लोगों को खदेड़े जाने के बाद आग लगायी गयी और प्रथमदृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि दोनों पक्ष एक-दूसरे को फंसाने का प्रयास कर रहे हैं.
थाना प्रभारी ने गोलीबारी के आरोप को भी गलत बताया. उन्होंने कहा कि यदि वहां गोलीबारी हुई होती तो घटनास्थल से गोली का खोखा मिलना चाहिए था. उन्होंने पूरे मामले को जमीन विवाद से जुड़ा बताया. थाना प्रभारी के अनुसार, एक-दो दिन पूर्व चंद्रशेखर यादव ने विवादित जमीन पर सीमेंटेड खूंटा और तार लगाकर घेराबंदी की थी, जिसे ग्रामीणों ने रात में तोड़ दिया था. इसी विवाद के बाद घटना को लेकर दोनों पक्षों की ओर से आरोप-प्रत्यारोप किये जा रहे हैं. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
