मृतक के पोता बिनोद मंडल ने बताया कि उसके सेवानिवृत्त रेलकर्मी दादा छट्टू राम और दादी गुलची देवी मिट्टी के घर में आग ताप रहे थे. इसी दौरान किसी तरह उनके कपड़े में आग पकड़ ली. उस समय परिवार का कोई सदस्य वहां मौजूद नहीं था. वृद्ध होने की वजह से दोनों बहुत कुछ नहीं कर सके. नतीजा दोनों आग से पूरी तरह घिर गये. देखते ही देखते बेड, कपड़ों से होते हुए आग पूरे मिट्टी के मकान में फैल गयी. मकान में आग लगने से घर में रखे लाखों रुपये के सामान भी जलकर नष्ट हो गये. घर से धुआं निकलते देखकर परिवार और अगल-बगल के लोग वहां पहुंचे.
धनबाद के निजी अस्पताल में दोनों ने ली आखिरी सांस
आग की लपटों में झुलस रहे वृद्ध दंपती को किसी तरह निकाला गया. गंभीर हालत में दोनों को उनके पुत्र पड़ोसियों के सहयोग से प्राथमिक उपचार के लिए स्थानीय क्लिनिक ले गये, जहां स्थिति गंभीर देख डाॅक्टर ने उन्हें रेफर कर दिया. परिजन छट्टू व गुलची को इलाज के लिए धनबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराये, जहां गुलची देवी ने ने रविवार की अलसुबह लगभग पांच बजे दम तोड़ दिया. वहीं छट्टू राम की मौत पूर्वाह्न लगभग 11 बजे हो गयी. इस हृदयविदारक घटना से परिवार और बलीडीह मोहल्ले में मातम का माहौल है. बताया जाता है कि मृत दंपति को तीन पुत्र श्याम सुंदर मंडल, महेश मंडल एवं विजय मंडल हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
