108 एंबुलेंस कर्मियों का एक प्रतिनिधिमंडल राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी से भेंट की. नेतृत्व जिलाध्यक्ष बबलू तांती कर रहे थे. मंत्री को ज्ञापन सौंपकर सम्मान फाउंडेशन कंपनी पर कर्मियों को गुमराह करने का आरोप लगाया. कहा कि कंपनी ने झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ के साथ हुई वार्ता के बाद मांगों को स्पष्ट नहीं किया है. तीन फरवरी को कंपनी से पत्र के अनुसार संघ ने श्रम अधिनियम झारखंड सरकार के तहत श्रमिकों के न्यूनतम वेतन आदि कुशल श्रेणी (पूर्व कंपनी) के अनुसार व अन्य सामाजिक सुरक्षा (पीएफ, इएसआइसी व बीमा) के तहत सुविधा मुहैया कराने की मांग रखी थी. लेकिन, कंपनी के अधिकारियों ने संघ को गुमराह करते हुए केवल मौखिक रूप से कुशल श्रेणी में बताया है. यह लिखित रूप से स्पष्ट नहीं किया गया कि उन्हें किस श्रेणी में रखा जायेगा. प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री से मांग की कि कर्मियों को स्पष्ट किया जाये कि उन्हें किस श्रेणी में रखा जायेगा और उनका वेतन कितना होगा. संघ के जिलाध्यक्ष श्री तांती ने बताया कि मंत्री ने कंपनी के अधिकारी से बात करते हुए 108 एंबुलेंस कर्मियों का मानदेय भुगतान की समस्या को दूर करते कुशल श्रेणी में रखने की बात कही. कंपनी के अधिकारी ने मंत्री को आश्वस्त किया कि फरवरी माह से ही कर्मियों को कुशल श्रेणी का मानदेय भुगतान किया जायेगा. प्रतिनिधि मंडल में मजहर अंसारी, विकास वर्मा, मनोज, पवन, पंकज तारणी, रवींद्र मुकेश आदि शामिल थे.
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