गिरिडीह जिले में पिछले कई दिनों से सुबह और रात्रि के वक्त कोहरा पसरा रहा. आज कोहरा तो नहीं था. लेकिन, आसमान में बादल छाये हुए थे, जिस कारण सुबह लगभग 10.30 बजे के बाद सूर्य देवता का दर्शन हुआ. इस वजह से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी. दोपहर में थोड़ी देर के लिए धूप खिली तो लोगों ने राहत महसूस किया. हालांकि दिनभर कनकनी चलती रही. इससे लोगों को कठिनाई हुई. ठंड की वजह से शाम होते ही लोग अपने-अपने घरों में दुबक जाते हैं. रात्रि नौ बजे के बाद शहरी क्षेत्र की सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है. जिन्हें जरूरी काम होता है, वही लोग घरों से बाहर निकलते हैं. ठंड ने लोगों को घरों के अंदर दुबकने को विवश कर दिया है. इधर, सोमवार से स्कूल खुल रहा है. लिहाजा ठंड के बीच बच्चे स्कूल जाने को विवश होंगे. ऐसी स्थिति में कई अभिभावकों ने जिला प्रशासन से ठंड के मद्देनजर स्कूलों का समय बढ़ाने की मांग की है. ताकि बच्चों को सहूलियत हो सके.
अलाव से मिलती है राहत
ठंड के कारण शहरी क्षेत्र के कई इलाकों में नगर निगम की ओर से अलाव की व्यवस्था की गयी है. रात में लोग अलाव तापते नजर आते हैं. अलाव से आम गरीब-गुरूबों को काफी राहत मिलती है. ठंड को लेकर जिला व पुलिस प्रशासन सहित कुछेक राजनीतिक व सामाजिक संगठनों द्वारा जरूरतमंदों के बीच कंबलों का वितरण किया गया है. हालांकि कई ऐसे भी जरूरतमंद हैं, जिन्हें कंबल नहीं मिल पाया है. स्लम एरिया में रहने वालों के अलावे ग्रामीण क्षेत्र की कई महिलाओं ने प्रशासन से कंबल वितरित करने की मांग की है.तिसरी के बाजारों में पसरा रहा सन्नाटा
पिछले कई दिनों से तिसरी में शीतलहर चल रही है. रविवार की सुबह से ही कुछ अधिक ही तेज हवा चलने लगी. इससे जनजीवन प्रभावित हो गया. धूप नहीं खिलने से लोगों की परेशानी और बढ़ गयी. शाम होते-होते बाजारों में सन्नाटा पसर गया. प्रशासन ने प्रखंड के कई क्षेत्रों में अलाव की व्यवस्था व कंबल का वितरण किया गया है, लेकिन बढ़ती ठंड से जरूरतमंद कुछ अधिक ही परेशानी झेल रहे हैं. सुबह 10 बजे तक लोग घरों में ही दुबके रह रहे हैं. दैनिक मजदूरों पर इसका अधिक प्रभाव दिख रहा है. तिसरी पंचायत के मुखिया किशोरी साव ने कहा कि पंचायत के सभी चौक-चौराहों पर अलाव की व्यवस्था करवायी गयी है. जरूरतमंदों के बीच कंबल का वितरण भी किया गया है. कहा कि यहां के अन्य जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों को भी आगे आना चाहिए और ठंड को देखते हुए जरूरतमंदों में कंबल वितरण करना चाहिए.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
