मां-बेटी की मांग का सिंदूर एक साथ उजड़ा
तिसरी. घटना में एक ही दिन मां और बेटी का सिंदूर उजड़ गया. अब इन दोनों के परिवार में एक ही पुरुष सदस्या बचा है जो महज 7 वर्ष का है. देवंती देवी व उसकी बेटी फूलमती देवी हताश हो चुकी है. दोनों ठीक से बात भी नहीं कर पा रही है. देवंती बताती है […]
तिसरी. घटना में एक ही दिन मां और बेटी का सिंदूर उजड़ गया. अब इन दोनों के परिवार में एक ही पुरुष सदस्या बचा है जो महज 7 वर्ष का है. देवंती देवी व उसकी बेटी फूलमती देवी हताश हो चुकी है. दोनों ठीक से बात भी नहीं कर पा रही है. देवंती बताती है कि उसके चार बच्चे हैं, जिनमें दो बेटियों की शादी हो चुकी है. एक विवाहित बेटी फूलमती अपने पति रंजीत के साथ उसके यहां ही रहती है. अब रंजीत की भी मौत हो गयी. देवंती बताती है कि उसे एक सात का पुत्र रोहित व नौ वर्षीय पुत्री किरण है. बेटा मंझलाडीह के सरकारी स्कूल में पढ़ता है. फूलमती तो लगातार तीन घटनाओं को झेल चुकी है.
फूलमती बताती है कि उसकी शादी बिहार के जमुई जिले के चकाई थाना इलाके के बटिया में हुई है. शादी के बाद एक बेटा हुआ जो कुछ वर्ष पूर्व ढाई वर्ष के उम्र में मर गया, एक लड़की पेट में ही मर गयी. दो बच्चों की मौत होने के बाद ससुरालवाले उसे ताना देने लगे तो वह अपने पति के साथ मायके डूबा में मां-बाप के साथ रहने लगी. अभी वह गर्भ से है, इस बीच उपर वाले ने उसके पति को ही छीन लिया. बताया कि न तो उसका राशन कार्ड है और न ही उसकी मां का. बताया कि कई महीने के बाद सोमवार को वह अपने पिता, पति के साथ ढिबरा निकालने गयी थी, सोचा था कि कुछ पैसा आयेगा तो उसका घर चलेगा, लेकिन रोटी की तलाश में उसके पति ही नहीं रहे.
