बगोदर थाना क्षेत्र के जीटी रोड औरा के पास दुर्घटना में तीन की मौत और 31 तीर्थयात्रियों के घायल होने से पूरे इलाके में कोहराम मचा रहा. आनन-फानन में घायलों को डुमरी के मीना जेनरल अस्पताल ले जाया गया. घायलों की चीख-पुकार और मृतक के परिजनों के चीत्कार से माहौल गमगीन हो उठा.
बगोदर/डुमरी : 31 घायल तीर्थयात्रियों को लेकर एंबुलेंस व अन्य वाहन डुमरी के मीना जेनरल अस्पताल पहुंचे तो यहां अफरातफरी मयी. अस्पताल कर्मी स्ट्रेचर लेकर घायलों को लेकर आये वाहनों की ओर दौड़ पड़े. इस काम में पुलिस और स्थानीय लोगों ने भी अस्पताल कर्मियों का सहयोग किया. अस्पताल के निदेशक आलम मोहसीन की देखरेख में चिकित्सकों ने घायलों का इलाज शुरू किया. गंभीर रूप से घायल जगरनाथ पाल, छोटू मोदक, मीना देवी व भोक्ती चक्रवर्ती आइसीयू में रखा गया है.
घटना की जानकारी मिलते ही बगोदर के पूर्व विधायक विनोद सिंह सुबह पांच बजे घटनास्थल पहुंच गये. बगोदर-सरिया के एसडीपीओ दीपक कुमार शर्मा, पुलिस निरीक्षक कपिल पोद्दार, बगोदर थाना प्रभारी सुरेंद्र कुमार सिंह भी पहुंचे. सात बजे बगोदर विधायक नागेंद्र महतो पहुंचे,जहां से वे अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना. वहीं निरसा विधायक अरूप चटर्जी भी पहुंचे और घायलों से मुलाकात की.
ट्रामा सेंटर नहीं रहने से परेशानी : विनोद सिंह
बगोदर के पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह ने कहा कि घटना दुखद है़ बार-बार हमलोग सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि जीटी रोड पर अक्सर दुर्घटनाएं घट रही हैं. आस-पास के क्षेत्र में इलाज के लिए समुचित व्यवस्था नहीं हो पाती है़ घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए वाहन की व्यवस्था नहीं है. सरकार इन घटनाओं को जानने के बाद भी ट्रामा सेंटर का निर्माण नहीं करा रही है. इस कारण इलाज के अभाव में लोग दम तोड़ रहे हैं.
घटना दुखद : नागेंद्र महतो
बगोदर विधायक नागेंद्र महतो ने कहा कि घटना दुखद है़ घायलों और मृतकों के परिजनों की हरसंभव मदद की जायेगी. श्री महतो ने प्रशासन व जन प्रतिनिधियों तथा स्थानीय ग्रामीणों को सहयोग के लिए धन्यवाद दिया.
स्थानीय लोगों की सक्रियता से बची कई जानें
दुर्घटना के बाद एक घंटे तक यात्री चिल्लाते रहे. तबतक ओरा के समीप स्थित महतो होटल व आस-पास के लोग घटनास्थल तक पहुंच गये. लोगों ने मोबाइल के माध्यम से बगोदर पुलिस इलाके के जनप्रतिनिधियों को सूचना दी. पुलिस का रात्रि गश्ती दल घटनास्थल पर पहुंचा.
बगोदर थाना व एनएचएआइ के टाॅल प्लाजा घंघरी से एंबुलेंस व किरान पहुंचा और यात्रियों को बाहर निकाला. अगर समय रहते स्थानीय लोगों ने सक्रियता नहीं दिखायी होती तो कई और यात्रियों की जान बस में दबे रहने के कारण जा सकती थी.
