गिरिडीह : तीन वर्ष पूर्व तत्कालीन विधायक सरफराज अहमद के कोटे से पपरवाटांड़ में डीप बोरिंग योजना दी गयी. 8.35 लाख की लागत से पपरवाटांड़ नीचे कॉलोनी में एनआरइपी ने योजना का काम किया. टंकी बनायी गयी. जगह- जगह स्टैंड पोस्ट लगाये गये. लोगों को लगा कि अब यहां पानी की समस्या का समाधान हो जायेगा, लेकिन ऐसा हो न सका. योजना के पूरे हुए तीन साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी लोग पानी के लिए तरस रहे हैं.
डीसी से शिकायत का निर्णय
पिछले एक सप्ताह से पपरवाटांड़ में सीसीएल की ओर से की जा रही पानी की आपूर्ति बंद है. शुक्रवार को ग्रामीणों ने पपरवाटांड़ सीसीएल कॉलोनी में डीप बोरिंग को शुरू करने के लिए बैठक की. महेशलुंडी पंचायत के मुखिया हरगौरी साव की उपस्थिति में हुई इस बैठक में डीप बोरिंग शुरू करने पर विचार-विमर्श हुआ तो ठेकेदार व अभियंता के खिलाफ डीसी से शिकायत करने का निर्णय लिया गया.
मुखिया श्री साहू ने बताया कि योजना को बनाकर ठेकेदार चला गया, लेकिन इस योजना का उद्घाटन भी नहीं किया गया है. आठ लाख से अधिक की राशि खर्च करने में बाद भी एक बूंद पानी लोगों को नहीं मिला है. योजना का काम करनेवाली एजेंसी और ठेकेदार के खिलाफ डीसी से शिकायत की जायेगी. शिवनाथ साव ने कहा कि योजना को पूरा करने के बाद ही ठेकेदार डीप बोरिंग का मोटर-पंप यह कह कर ले गया कि इसमें गड़बड़ी है, जिसे दुरुस्त कर लगाया जायेगा और लोगों को पानी दिया जायेगा.
लेकिन तीन वर्ष बीतने के बाद भी लोगों को पानी नहीं मिला. स्थानीय निवासी पंचू ने कहा की योजना के शुरू नहीं होने के कारण परेशानी झेलनी पड़ रही है, वहीं लगाया गया स्टैंड पोस्ट भी उखड़ गया है. ग्रामीणों ने इस दौरान काम करनेवाली एजेंसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की. इस दौरान कई ग्रामीण मौजूद थे.
