-दस हजार रुपये का अर्थदंड भी
– मामला राजधनवार थाना अंतर्गत अरखंगो का
– 18 जनवरी 2012 को पीड़िता ने करायी थी प्राथमिकी
गिरिडीह : जिला व अपर सत्र न्यायाधीश (तृतीय) शैलेंद्र कुमार सिंह की अदालत ने गुरुवार को दुष्कर्म के मामले में सात वर्ष की सजा सुनायी है. दस हजार रुपये का अर्थ दंड भी लगाया है. राशि जमा नहीं करने पर अभियुक्त को छह माह का साधारण कारावास काटना हाेगा. साथ ही अदालत ने दोष सिद्ध विचारण के दौरान अभियुक्त के जेल में बितायी गयी अवधि को भी समायोजित करने का आदेश दिया है. मामला राजधनवार थाना अंतर्गत अरखंगो का है है.
18 फरवरी 2012 को युवती ने अपने रिश्तेदार रोहित यादव (24वर्ष) पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था. कहा था रोहित ने उसके साथ दो बार दुष्कर्म किया. इस दौरान पंचायती भी हुई. पंचों ने कहा कि रोहित के साथ शादी करा दी जायेगी, लेकिन उसके घरवालों ने दहेज की मांग कर दी. दहेज नहीं देने पर शादी से इनकार कर दिया.
इस मामले को ले वह अपने परिजनों के साथ राजधनवार थाना पहुंची और मामला (कांड संख्या 32/12) दर्ज कराया. सत्रवाद संख्या 155/12 में अनुसंधान पदाधिकारी रमेश कुमार सिंह ने आरोप पत्र दाखिल किया.
अभियोजन ने इस मामले में 13 गवाह प्रस्तुत किये. अदालत ने भादवि की धारा 376 में रोहित यादव को दोषी पाया. अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक लुकस मरांडी व बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता जयकुमार नारायण सिंह ने बहस की.
