मधुबन-पारसनाथ में मांस-मदिरा बंद

पारसनाथ एक्शन प्लान में तेजी जाने का निर्देश पर्वत पर हेलिपैड बनाने का निर्णय रोपवे बनाने का प्रस्ताव खारिज मधुबन : जैन धर्म के तीर्थस्थल पारसनाथ के विकास को लेकर मंगलवार को मुख्यमंत्री रघुवर दास ने जिले के विधायक व राज्य के आलाधिकारियों के साथ बैठक की. मधुबन पंचायत के कल्याण निकेतन स्थित सीआरपीएफ कैंप […]

पारसनाथ एक्शन प्लान में तेजी जाने का निर्देश
पर्वत पर हेलिपैड बनाने का निर्णय रोपवे बनाने का प्रस्ताव खारिज
मधुबन : जैन धर्म के तीर्थस्थल पारसनाथ के विकास को लेकर मंगलवार को मुख्यमंत्री रघुवर दास ने जिले के विधायक व राज्य के आलाधिकारियों के साथ बैठक की. मधुबन पंचायत के कल्याण निकेतन स्थित सीआरपीएफ कैंप में आयोजित इस बैठक में पारसनाथ क्षेत्र में विकास की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया. पर्वत पर हेलीपैड बनाने तथा जैन मधुबन व पारसनाथ को मांस-मदिरा निषेध क्षेत्र घोषित करने का भी निर्णय लिया गया.
बनेगा थीम पार्क , तलहटी तक लगेगी रोड लाइट
बैठक में थीम पार्क के विकास का भी प्रस्ताव आया, जिसके लिए ढाई एकड़ भूमि भी दान में मिलने की बात कही गयी. इसे भी स्वीकृत किया गया. इस दौरान मधुबन मोड़ से तलहटी तक रोड लाइट की भी स्वीकृति दी गयी. बैठक में स्वास्थ्य व स्वच्छता पर भी चर्चा हुई.
स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना करने, ड्रेनेज प्रणाली का विकास करने की भी मंजूरी सीएम ने दी. बैठक में सिंचाई के लिए अनिल झील व सीतानाला में चेकडैम बनाने की स्वीकृति मिली. मधुबन को रेल लिंक से जोड़ने की भी चर्चा हुई.
ये थे मौजूद : बैठक में सीएम के अलावा राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री अमर बाउरी, राज्य सरकार के सचेतक सह विधायक केदार हाजरा, गिरिडीह विधायक निर्भय कुमार शहाबादी, बगोदर विधायक नागेंद्र महतो, मुख्य सचिव राजीव गौबा, डीजीपी डीके पांडेय, पर्यटन सचिव अविनाश कुमार, प्रधान सचिव संजय कुमार, पथ निर्माण विभाग की सचिव राजबाला वर्मा, वन पर्यावरण सचिव सुखदेव सिंह, ग्रामीण विकास सचिव मस्तराम मीणा, आयुक्त वीणा श्रीवास्तव, एडीजे एसएन प्रधान, आइजी तदाशा मिश्रा, राजस्व सचिव केके सोन, डीआइजी उपेंद्र कुमार, डीसी उमाशंकर सिंह, एसपी अखिलेश बी वारियर समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे.
मधुबन-पारसनाथ
सीएम ने पारसनाथ एक्शन प्लान को गंभीरता व तेजी के साथ पूरा करने का निर्देश अधिकारियों को दिया.अब तक हुए विकास कार्यों की ली जानकारी : पूर्वाह्न 11.15 से दोपहर 12.15 तक चली इस बैठक में मुख्यमंत्री ने पारसनाथ में अबतक हुए विकास कार्यों की जानकारी अधिकारियों से ली.
नये प्रस्ताव पर भी चर्चा की गयी. बैठक में डीसी उमाशंकर सिंह ने 28 जनवरी को मधुबन में जैन समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक की कार्यवाही की जानकारी दी. बताया कि पिछली बार जैन समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में रोपवे बनाने के प्रस्ताव पर विरोध हुआ था. कहा गया था कि रोपवे बनने से स्थानीय डोली मजदूरों की रोजी-रोटी छिन जायेगी. मुख्यमंत्री ने रोपवे बनाने के प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया.
क्षेत्र में मांस-मदिरा बेचनेवाले जायेंगे जेल
बैठक के बाद सीएम ने कहा कि यह धार्मिक स्थल है और इस क्षेत्र में मांस-मदिरा को पूरी तरह से निषेध कर दिया गया है. जो भी लोग सड़क के किनारे मांस-मदिरा बेचते पाये जायेंगे उन्हें जेल भेज दिया जायेगा. जिन्हें मांस-मछली खाना है वे अपने घर में खायें. वहीं डीसी उमाशंकर सिंह ने कहा कि जल्द ही इसक्षेत्र में मांस-मदिरा को लेकर निषेधाज्ञा लागू कर दी जायेगी.
तीर्थयात्रियों के लिए वेब पोर्टल का प्रस्ताव
डीसी ने तीर्थ क्षेत्र में पारसनाथ के विकास के लिए एक ऐसे वेब पोर्टल का प्रस्ताव रखा, जिसमें यात्रियों को सिंगल विंडो सिस्टम की तरह सारी सुविधा एक प्लेटफॉर्म पर मिले. पोर्टल में पारसनाथ का संपूर्ण भौगोलिक नक्शा, मंदिर, आध्यत्मिक स्थलों के मानचित्र जो गूगल मैप से जुड़ा हुआ हो, ऑनलाइन बुकिंग के लिए सभी धर्मशाला व कोठियों का संपर्क नंबर, इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से पेमेंट, परिवहन के लिए वाहन मालिक-चालक का नंबर, किराये की दर, डोली मजदूर का नाम व संपर्क नंबर, स्वास्थ्य सेवा, शिविर एवं पुलिस लाइन का संपर्क नंबर उपलब्ध हो. बैठक में इस प्रस्ताव की भी मंजूरी दी गयी.

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