गिरिडीह : राज्य के डीजीपी डीके पांडेय ने कहा कि नक्सली चिराग की मौत पर उसके साथी जो बदले की बात कह रहे हैं, वे समाज को बदलने में सहयोग करें. श्री पांडेय मंगलवार को मधुबन में पत्रकारों से बात कर रहे थे .कहा कि राज्य में सुरक्षा से संबंधित सभी समस्याओं को हटाया जायेगा. यहां सुरक्षा का माहौल है और पुलिस महकमा पूरी ईमानदारी से काम कर रहा है.
महकमा ने 13 स्थानों को चैलेंज के रूप में लिया है, ये सभी स्थान उग्रवाद प्रभावित इलाके में हैं. इन इलाकों की सभी चेतावनी को स्वीकार किया जा रहा है. हम राज्य के विकास में पूरा सहयोग कर रहे हैं. विकास से संबंधित जहां भी योजनाएं चल रही हैं, उसे धरातल पर उतारने में पुलिस महकमा पूरा सहयोग दे रहा है.
कहा कि पुलिस विभाग लोगों को रोजगार मुहैया कराने में जुटा है. वर्ष 2015 में 10 हजार लोगों को रोजगार दिया गया है. 30 व 31 जनवरी को आठ हजार सिपाही बहाल करने के लिये परीक्षा ली गयी है. वहीं 2500 दारोगा की बहाली के लिये एसएससी को पत्र लिखा गया है.
महकमा बहाली में महिलाओं को 33 फीसदी का आरक्षण देगा और ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को पुलिस में नौकरी दी जायेगी. पिपल फ्रेंडली बनने के लिये लोगों को स्किल डेवलपमेंट का प्रशिक्षण दिया जायेगा. अभी तक राज्य के विभिन्न पुलिस पोस्ट में युवाओं को ट्रेनिंग के लिये फॉर्म भराया गया है. श्री पांडेय ने उग्रवाद के कारण राज्य 15 साल पीछे चला गया है.
अब एक वर्ष में पॉजीटिव सोच रखकर काम करना है. मौके पर एडीजी एसएन प्रधान, आइजी तदाशा मिश्रा, डीआइजी उपेन्द्र कुमार, एसपी एबी वारियर, एएसपी कुणाल, डीएसपी शंभु कुमार सिंह, एसडीपीओ राजकुमार मेहता आदि मौजूद थे.
