जिले में 442 कुपोषित बच्चे चिह्नित

गिरिडीह : सिविल सर्जन डा एस सान्याल ने सोमवार को सिविल सर्जन कार्यालय स्थित अपने चैंबर में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में आइसीडीएस (समेकित शिशु विकास कार्यक्रम) की समीक्षा की गयी. सिविल सर्जन ने बताया कि गिरिडीह जिले में 442 बच्चे कुपोषण के शिकार हैं. इन्हें चिह्नित भी कर लिया गया […]

गिरिडीह : सिविल सर्जन डा एस सान्याल ने सोमवार को सिविल सर्जन कार्यालय स्थित अपने चैंबर में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में आइसीडीएस (समेकित शिशु विकास कार्यक्रम) की समीक्षा की गयी. सिविल सर्जन ने बताया कि गिरिडीह जिले में 442 बच्चे कुपोषण के शिकार हैं.
इन्हें चिह्नित भी कर लिया गया है. सभी कुपोषित बच्चों का इलाज एमटीसी केंद्र में होगा. सिविल सर्जन ने कहा कि सदर अस्पताल के साथ डुमरी, राजधनवार व जमुआ प्रखंड में एमटीसी केंद्र बनाया गया है. जब कुपोषित बच्चे स्वस्थ हो जायेंगे तो इसके बाद भी उन बच्चों की देखभाल की जायेगी. सीएस ने जिले की सभी एएनएम, सहिया, सेविका व महिला पर्यवेक्षिकाओं को निर्देश दिया कि चिह्नित सभी बच्चों को इलाज के लिए एमटीसी केंद्र में भर्ती करायें.
साथ ही डुमरी, राजधनवार व जमुआ के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि हर हाल में वे अपने पीएचसी में टेलीफोन लगायें, ताकि केंद्र में भर्ती बच्चों के साथ समय-समय पर बातचीत की जा सके. इसमें किसी भी स्तर की कोताही बरदाश्त नहीं की जायेगी. मौके पर डीआरडीए निदेशक अवध नारायण प्रसाद, यूनिसेफ के प्रतिनिधि मेरी टुडू, डीपीएम राजवर्धन सिंह समेत कई सीडीपीओ व प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी भी मौजूद थे.

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