20-20 हजार में बनवाया था प्रमाण-पत्र

गिरिडीह : कक्षा छह से आठ में शिक्षक नियुक्ति को लेकर आयोजित काउंसेलिंग के दौरान गिरफ्तार गिरिडीह जिले के जमुआ निवासी काजल राम व कोडरमा निवासी अशोक कुमार शर्मा ने सनसनीखेज खुलासा किया है. दोनों ने बताया कि उन्होंने अपना प्रमाण पत्र कोडरमा में ही 20-20 हजार रुपये में बनवाया था. कोडरमा के एक सेवानिवृत्त […]

गिरिडीह : कक्षा छह से आठ में शिक्षक नियुक्ति को लेकर आयोजित काउंसेलिंग के दौरान गिरफ्तार गिरिडीह जिले के जमुआ निवासी काजल राम व कोडरमा निवासी अशोक कुमार शर्मा ने सनसनीखेज खुलासा किया है. दोनों ने बताया कि उन्होंने अपना प्रमाण पत्र कोडरमा में ही 20-20 हजार रुपये में बनवाया था. कोडरमा के एक सेवानिवृत्त शिक्षक ने प्रमाण-पत्र बनवाने में मदद की थी.
बताया जाता है कि उक्त सेवानिवृत्त शिक्षक बड़े पैमाने पर फर्जी प्रमाण पत्र बनाने का काम करता हैं. गिरफ्तार काजल राम की मानें तो इनकी पहुंच पटना के बोर्ड व विश्वविद्यालय तक है. काजल राम ने मगध विश्वविद्यालय के एएन कॉलेज का प्रमाण पत्र जमा कराया था. काजल राम का कहना है कि उसे भरोसा दिलाया गया था कि विश्वविद्यालय में भी उसके प्रमाण पत्र का रिकार्ड दुरुस्त करा दिया जायेगा.
इसके लिए उसने 20 हजार रुपये उक्त सेवानिवृत शिक्षक को दी थी. अशोक कुमार शर्मा का कहना है कि उसने अपना फर्जी प्रमाण पत्र सतगावां के अवधिया पांडेय से बनवाया था. इस खुलासे के बाद पुलिस ने अपनी जांच-पड़ताल तेज कर दी है.

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