Giridih News :न्यू गिरिडीह रेलवे स्टेशन सड़क पर दो किमी में है 200 गड्ढे

Giridih News :न्यू गिरिडीह रेलवे स्टेशन तक जाने वाली सड़क बदहाल हो गयी है. यात्रियों की सुविधाओं के न्यू गिरिडीह रेलवे स्टेशन का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन स्टेशन तक पहुंच पथ की सुध कोई नहीं ले रहा है. दो किमी लंबी सड़क पर 200 से अधिक गड्ढे हैं. स्थिति यह है कि अब इस पर गाड़ियां तो दूर, पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है.

पैदल चलना भी हो गया मुश्किल, दो पहिया चालक प्रतिदिन होते हैं दुर्घटना के शिकार

न्यू गिरिडीह रेलवे स्टेशन तक जाने वाली सड़क बदहाल हो गयी है. यात्रियों की सुविधाओं के न्यू गिरिडीह रेलवे स्टेशन का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन स्टेशन तक पहुंच पथ की सुध कोई नहीं ले रहा है. दो किमी लंबी सड़क पर 200 से अधिक गड्ढे हैं. स्थिति यह है कि अब इस पर गाड़ियां तो दूर, पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है. स्थानीय यात्रियों और ग्रामीणों की मानें तो यह सड़क पिछले कई साल से खस्ताहाल है, लेकिन संबंधित विभाग इसकी मरम्मत के प्रति गंभीर नहीं है. बरसात के मौसम में यह रास्ता कीचड़ और जल जमाव से और भी खतरनाक हो गया है. दो पहिया वाहन चालक प्रतिदिन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं. इससे लोगों में आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है. स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी होती है, क्योंकि वह कई बार फिसलकर गिर चुके हैं. लोगों का कहना है कि जब स्टेशन निर्माण के समय करोड़ों रुपये खर्च किये गये, तो पहुंच पथ को बेहतर बनाना भी प्राथमिकता होनी चाहिए थी.रास्ता बदलकर लंबी दूरी तय करना मजबूरी

कॉलेज मोड़ से न्यू गिरिडीह रेलवे स्टेशन तक की सड़क की स्थिति यह है कि इस सड़क लगभग दो किमी में 200 से अधिक गड्ढे हो गया है. कई तो इतने गहरे और चौड़े हैं कि वहां से छोटे वाहन तो क्या, बड़े वाहन भी सुरक्षित रूप पार नहीं हो ससकते हैं. गिरिडीह शहर से न्यू गिरिडीह रेलवे स्टेशन जाने का यही मुख्य मार्ग है. इससेसैकड़ों यात्रियों और आम राहगीरों की प्रतिदिन आवाजाही होती है. स्थानीय लोगों की मानें तो कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को इसकी शिकायत की गयी है, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. बारिश के दिनों में गड्ढों में पानी भर जाने से हालात और भी खतरनाक हो गयी है. गड्ढे का अंदाजा नहीं होने से छोटे-बड़े वाहन गड्ढों में फंस जाते हैं. यात्रियों ने बताया कि अधिक बारिश होने पर स्टेशन जाने के लिए ऑटो और बाइक चालकों रास्ता बदलना मजबूरी हो जाती है.

प्रधानमंत्री ने वर्ष 2019 में किया था स्टेशन का उद्घाटनवर्ष 2019 से पहले सिर्फ एक गिरिडीह रेलवे स्टेशन था, जहां से ट्रेनें सिर्फ मधुपुर तक ही जाती थी. इससे न केवल गिरिडीह के लोगों को, बल्कि अन्य जिलों के यात्रियों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था. यात्रियों की समस्याओं को देखते हुए केंद्र सरकार की पहल पर गिरिडीह शहर से सटे गादी गांव में एक नये रेलवे स्टेशन का निर्माण कराया गया. इस स्टेशन का नाम न्यू गिरिडीह रेलवे स्टेशन रखा गया. 14 जुलाई 2019 को इस स्टेशन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑनलाइन किया था. स्टेशन के साथ-साथ पहुंच पथ का भी निर्माण कराया गया था. शुरुआत में यह सड़क ठीक थी, लेकिन कुछ दिनों में ही इसकी स्थिति जर्जर हो गयी. फिलहाल न्यू गिरिडीह स्टेशन से कई महत्वपूर्ण रूटों पर ट्रेनें चल रही हैं, जिससे जिले के लोगों को आवागमन में काफी राहत मिली है. लेकिन, स्टेशन के पहुंच पथ से चात्री परेशान हैं.

छोटे वाहनों के लिए बनी सड़क पर दौड़ रहे हैं ट्रकन्यू गिरिडीह रेलवे स्टेशन तक जाने वाली सड़क की खस्ताहाल का कारण ट्रकों की आवाजाही भी है. स्टेशन पर जब से रैक प्वाइंट बना ट्रकों की आवाजाही शुरू हो गयी. यहां से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रकों से माल ढुलाई होती है. इसके कारण सड़क गड्ढों में तब्दील हो गयी. अब लोग गुणवत्ता को लेकर भी सवाल नहीं उठा रहे हैं. लोगों का कहना है कि यदि सड़क निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान रखा जाता, तो यह स्थिति पैदा नहीं होती.मरम्मत कार्य अधूरा छोड़ दिया गया : स्टेशन सुपरिटेंडेंट

न्यू गिरिडीह रेलवे स्टेशन के स्टेशन सुपरिटेंडेंट संतोष कुमार ने बताया कि सड़क होने की शिकायत के के बाद इसकी मरम्मत शुरू की गयी. लेकिन, संवेदक ने काम आधे पर ही छोड़ दिया. वरीय अधिकारियों को इसकी सूचना दी जायेगी.

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Author: PRADEEP KUMAR

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