रामकृष्ण, राजधनवार : यात्री सुविधाओं से वंचित धनवार बस पड़ाव में फैली गंदगी स्वच्छता अभियान का मुंह चिढ़ा रही है. बारिश के मौसम में यह बस पड़ाव तालाब में तब्दील हो जाता है, इस कारण यहां वाहनों का प्रवेश नहीं होता है. वाहनों के ठहराव नहीं होने के कारण इस बस पड़ाव का उपयोग कूड़ेदान के रूप में हो रहा है.
गंदगी, दुर्गंध के कारण यात्री बस पड़ाव के अंदर नहीं जाते. यात्रियों को चढ़ाने-उतारने का काम में रोड पर ही किया जाता है, जिस कारण रोड जाम की समस्या तो उत्पन्न होती ही है, कई बार दुर्घटना की आशंका भी बन जाती है.
बस पड़ाव के उपयोग न होने से परिसर में बनी जिला परिषद की दुकानें तथा लाखों की लागत से बना सुलभ शौचालय भी अपनी उपयोगिता साबित नहीं कर पा रहे हैं. पड़ाव के शेड में संचालित मुख्यमंत्री दाल भात केंद्र तक पहुंचने और दुर्गंध में वहां बैठकर खाना खाने में लोगों को परेशानी हो रही है.
ऐसे में मोटी रकम भुगतान कर नीलामी लेने वाले दुकानदार भी ठगा महसूस कर रहे हैं. गंदगी और बदबू से जहां बस पड़ाव के आसपास मुहल्ले में बीमारी फैलने का खतरा है, वहीं उपयोग नहीं होने से कुछ लोग बस पड़ाव का अतिक्रमण भी कर रहे हैं.
क्या कहते हैं स्थानीय लोग
बस पड़ाव में गंदगी और दुर्गंध के कारण न यात्री आते हैं और न ही वाहनों का प्रवेश होता है. ऐसे में अंदर की दुकानों की दुकानदारी ठप हो गयी है.
पवन रवानी, स्थानीय नागरिक
पेयजल, स्वच्छता, रोशनी व अन्य यात्री सुविधाओं की कमी के कारण यात्री बस पड़ाव के बाहर रोड पर ही वाहन चढ़ना-उतरना पसंद करते हैं. लिहाजा वाहनों का ठहराव भी वहीं होता है.
बबलू साव, बस एजेंट
जिला परिषद से दुकान आवंटित कराये चार साल हो गया है, अब तक शटर भी नहीं खोल पाये हैं. गंदगी के कारण न ग्राहक अंदर आते हैं और न यात्री. हम ठगा महसूस कर रहे हैं.
अब्दुल कुदुस, दुकानदार
विभाग व प्रशासन का ध्यान सिर्फ राजस्व उगाही पर है. वाहनों का प्रवेश नहीं होने से बस पड़ाव के रख-रखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा. ध्यान नहीं देने से लोग इसका उपयोग कूड़ेदान के रूप में करने लगे हैं.
पंकज यादव, स्थानीय नागरिक
उपयोग के अभाव में बस पड़ाव कूड़ेदान व आम रास्ता बनकर गया है. लोग अतिक्रमण करने में भी परहेज नहीं कर रहे हैं. प्रशासन व विभाग को धयान देना चाहिए.
सोनू राम, टेंपो चालक
मामले को कई बार ज़िला परिषद की बैठक में उठाया गया है. लेकिन जिला परिषद के पदधिकारी राजस्व वसूली तो करते हैं, इसकी सफाई और यात्री सुविधा पर ध्यान नहीं देते हैं.
नीनू संथालिया, जिप सदस्य, धनवार
