श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ में प्रवचनकर्ता स्वामी ब्रह्मदेवाचार्य ने कहा प्रतिनिधि, गढ़वा आज भी आसुरी शक्तियां संतों और श्रद्धालुओं को गंगा स्नान जैसे पवित्र कर्म से रोकने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन जब-जब धर्म पर संकट आया है, भगवान ने अवतार लेकर उसकी रक्षा की है. उक्त बातें जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी ब्रह्मदेवाचार्य जी महाराज ने शुक्रवार को गढ़वा प्रखंड के गोढ़ेया ग्राम में आयोजित श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के दौरान प्रवचन में कही. यह महायज्ञ भारत के महान संत त्रिदंडी स्वामी जी के कृपापात्र जीयर स्वामी जी के शिष्य संत वशिष्ठ नारायणाचार्य के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया है. स्वामी ब्रह्मदेवाचार्य ने कहा कि यज्ञ प्रत्यक्ष भगवान विष्णु का स्वरूप है और धर्म ही भगवान विष्णु का निवास स्थान है, जहां समस्त जीव सुरक्षित रहते हैं. उन्होंने कहा कि आज जिस प्रकार धार्मिक अनुष्ठानों और गंगा स्नान जैसे पवित्र कर्मों में बाधाएं उत्पन्न की जा रही हैं, वह आसुरी प्रवृत्ति का ही उदाहरण है. उन्होंने त्रेता युग का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय भी आसुरी शक्तियां यज्ञ को भंग करने का प्रयास कर रही थीं. तब भगवान विष्णु ने श्रीराम का अवतार लेकर महर्षि विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा की. विश्वामित्र का यज्ञ संपूर्ण विश्व में सुख, शांति और धर्म की स्थापना के लिए किया गया था. स्वामी ब्रह्मदेवाचार्य ने कहा कि सनातन धर्म सर्वोपरि और श्रेष्ठ है, जिसकी रक्षा के लिए भगवान ने भारत भूमि में अवतार लिया. रावण के सेनापति मारीच, सुबाहु और ताड़का ने यज्ञ को नष्ट करने का प्रयास किया, लेकिन श्रीराम के प्रकट होते ही आसुरी शक्तियों का अंत हो गया. उन्होंने बताया कि विश्वामित्र का अर्थ है, जो संपूर्ण विश्व के प्रति मैत्री भाव रखता हो. कमंडल और लंगोटी के बल पर महर्षि विश्वामित्र ने रावण जैसी शक्तियों को चुनौती दी थी. उन्होंने कहा कि जब शरीर रूपी यज्ञशाला में ज्ञान रूपी श्रीराम और वैराग्य रूपी लक्ष्मण का प्रवेश होता है, तब जीवन रूपी यज्ञ सफल होता है और विध्वंसक शक्तियों का अंत हो जाता है. महायज्ञ को सफल बनाने में संरक्षक संजय कुमार उपाध्याय, अध्यक्ष श्रवण उपाध्याय, सचिव अजय कुमार उपाध्याय सहित श्री रघुनाथ बाबा यज्ञ समिति के पदाधिकारी एवं ग्रामीण सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. महायज्ञ में काशी पीठाधीश्वर जगद्गुरु मारुति किंकर जी महाराज एवं शिवानी दूबे का भी प्रवचन चल रहा है. वहीं गुजरात से पधारे काली कमली वाले बाबा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. महायज्ञ के आयोजन से गोढ़ेया गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है.
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