गढ़वा. समाहरणालय सभागार में उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विकास योजनाओं की समीक्षा के साथ आमजनों की समस्याओं पर सुनवाई की गयी. साप्ताहिक जनसुनवाई में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने राशन, पेंशन, भूमि विवाद, आवास, मुआवजा और बकाया मजदूरी से संबंधित शिकायतें रखीं. कांडी प्रखंड के शत-प्रतिशत दिव्यांग शोभित कुमार शर्मा ने पेंशन, कुआं निर्माण और पत्नी को मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना का लाभ दिलाने की मांग की. वहीं सदर प्रखंड के सीताराम बैठा ने दो वर्षों से पीएम किसान सम्मान निधि की राशि नहीं मिलने की शिकायत दर्ज करायी. स्वच्छ भारत मिशन के तहत कार्यरत कर्मियों राहुल कुमार, वीरेंद्र राम, दिलीप कुमार सहित अन्य कर्मचारियों ने कई महीनों से मानदेय बकाया रहने और बाह्य स्रोत से नए कर्मियों की नियुक्ति का मुद्दा उठाया. अनुकंपा नियुक्ति को लेकर बरगढ़ की किरण तिर्की और कांडी की खुशबू कुमारी ने आवेदन सौंपा. उपायुक्त ने सभी मामलों पर संबंधित विभागों को शीघ्र कार्रवाई का निर्देश दिया. इसके बाद जिला योजना समिति की बैठक में जलछाजन विकास परियोजना के संशोधित विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन को मंजूरी दी गई. दक्षिणी वन प्रमंडल के डीएफओ इबी अब्राहम ने प्रस्तुतीकरण दिया. परियोजना के तहत अब 24 के स्थान पर 11 उपयुक्त तालाब बनाए जाएंगे तथा चेकडैम, डब्ल्यूएटी, डीसीटी और फील्ड बंडिंग को प्राथमिकता दी जायेगी. परियोजना की समय-सीमा सितंबर 2026 तक निर्धारित है.
जलछाजन विकास परियोजना के संशोधित प्रस्ताव को मिली मंजूरी
जलछाजन विकास परियोजना के संशोधित प्रस्ताव को मिली मंजूरी
