शहादत दिवस पर 30 बनिहारों को दी गयी श्रद्धांजलि

शहादत दिवस पर 30 बनिहारों को दी गयी श्रद्धांजलि

By Akarsh Aniket | January 14, 2026 9:12 PM

केतार (गढ़वा) भगवान घाटी में बुधवार को शहीद बनिहार श्रद्धांजलि समारोह भावपूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया. इस अवसर पर वर्ष 2010 में सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले 30 मजदूरों (बनिहारों) की वेदी पर उनके परिजनों के साथ पूजा-अर्चना की गयी तथा पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गयी. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सह भाजपा के वरिष्ठ नेता भगत दयानंद यादव ने कहा कि वर्ष 2010 में बिहार से मजदूरी कर घर लौट रहे 30 बनिहारों की ट्रक दुर्घटना में हुई मौत एक अपूरणीय क्षति थी. उन्होंने वर्तमान विधायक अनंत प्रताप देव पर निशाना साधते हुए कहा कि घटना के समय वही सत्ता में थे, लेकिन शहादत दिवस पर उनकी अनुपस्थिति यह दर्शाती है कि गरीब मजदूरों के प्रति उनके मन में संवेदना नहीं है. उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक भानु प्रताप शाही हमेशा गरीबों और मजदूरों के हित में खड़े रहे तथा उनके अधिकारों की आवाज बुलंद करते रहे हैं. इसी कारण आज गरीब, दलित, शोषित और पीड़ित वर्गों के दिलों में उनकी विशेष जगह है. कार्यक्रम के समापन पर राज्यपाल के नाम 16 सूत्री मांग पत्र सौंपा गया। मांगों में प्रमुख रूप से शहीद बनिहारों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने, भवनाथपुर में बंद पड़ी सीमेंट फैक्ट्री को पुनः शुरू कराने, पंडा एवं सोन नदी के किनारे तटबंध निर्माण कराने, शिक्षित बेरोजगारों को 10 हजार रुपये मासिक भत्ता देने आदि मांग की गयी. कार्यक्रम में अनिल चौबे, लक्ष्मण राम, मनोज पहाड़िया, अजय वर्मा, बबलू पटवा, मंडल अध्यक्ष कन्हाई प्रसाद, मुंगा साह, राजू सिंह, मनोज फौजी, रवीन्द्र सोनी, उपेंद्र दास, रवि पाल, गोरखनाथ चौधरी, अनिल पासवान, राजकुमार पासवान, गुडन पासवान, सीताराम पासवान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे. जरूरतमंदों के बीच बांटें कंबल शहादत दिवस के अवसर पर मानवता की मिसाल पेश की गयी. समारोह में पहुंचे हजारों वृद्धों और जरूरतमंदों के बीच कंबल का वितरण किया गया. साथ ही श्रद्धालुओं के लिए खिचड़ी प्रसाद, निःशुल्क दवा एवं इलाज की व्यवस्था भी की गयी थी. क्यों होता है आयोजन वर्ष 2010 में 14 जनवरी को कूपा गांव के मजदूर बिहार के भोजपुर जिले से धनकटनी कर वापस लौट रहे थे. इसी दौरान मजदूरों से भरा ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें 30 मजदूरों की मौत हो गयी थी. इस हादसे के बाद वर्ष 2011 से पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाही की पहल पर प्रत्येक वर्ष 14 जनवरी को भगवान घाटी में शहीद बनिहार दिवस का आयोजन कर मृत मजदूरों को श्रद्धांजलि दी जाती है.

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