न्यास बोर्ड तीन एकड़ भूमि में बनायेगा मां गढ़देवी महिला सेवा सदन

मां गढ़देवी मंदिर में झारखंड के पहले अर्धनारीश्वर महादेव के दर्शन आज से

मां गढ़देवी मंदिर में झारखंड के पहले अर्धनारीश्वर महादेव के दर्शन आज से प्रतिनिधि गढ़वा गढ़वा जिले के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से एक ऐतिहासिक दिन आने वाला है. मां गढ़देवी मंदिर के प्रथम तल पर झारखंड के इकलौते अर्धनारीश्वर महादेव की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा का कार्य शुक्रवार को पूर्ण हो जायेगा. इसके साथ ही श्रद्धालु अर्धनारीश्वर महादेव के दर्शन और पूजन कर सकेंगे. इस अवसर पर मां गढ़देवी धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष सह पूर्व मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने अपने आवास पर आयोजित प्रेसवार्ता में विस्तृत जानकारी दी और समस्त जिलावासियों से दर्शन व भंडारे में शामिल होने की अपील की. रामचंद्र चंद्रवंशी ने बताया कि शहर से सटे सुखबाना गांव में मां गढ़देवी मंदिर के नाम से लगभग तीन एकड़ भूमि उपलब्ध है. इस भूमि के बेहतर उपयोग को लेकर न्यास बोर्ड ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. उन्होंने घोषणा की कि यहां मां गढ़देवी महिला सेवा सदन का निर्माण कराया जायेगा. यह सेवा सदन महिलाओं के सामाजिक, धार्मिक और सेवा से जुड़े कार्यों के लिए एक सशक्त केंद्र के रूप में विकसित होगा. इससे जरूरतमंद महिलाओं को सहयोग मिलेगा और समाज के उत्थान की दिशा में एक नयी पहल होगी. निर्माण कार्य से पहले पूरे परिसर की सुरक्षा और सीमांकन के लिए चारदीवारी का निर्माण कराया जाएगा, जिसका कार्य शीघ्र प्रारंभ होगा. प्रेसवार्ता में मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष विनोद जायसवाल, निर्माण समिति के कोषाध्यक्ष सह न्यास समिति सदस्य हेमेंद्र कुमार सिंह, भोला चंद्रवंशी तथा निर्माण समिति के सदस्य शंभू केसरी उपस्थित थे. मां गढ़देवी मंदिर में आज भंडारे का आयोजन रामचंद्र चंद्रवंशी ने बताया कि अर्धनारीश्वर महादेव की प्रतिमा की स्थापना न्यास बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में उनकी अध्यक्षता में की गयी है. इसके लिए पांच दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया, जिसमें यजमान के रूप में मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष विनोद जायसवाल सपत्नीक शामिल हुए. कलश यात्रा में लगभग 20 हजार श्रद्धालुओं ने भाग लिया. 23 जनवरी को यज्ञ की पूर्णाहूति होगी, जिसमें सभी श्रद्धालु भक्तों को आमंत्रित किया गया है. पूर्णाहूति के दिन न्यास बोर्ड के अध्यक्ष रामचंद्र चंद्रवंशी की ओर से विशाल भंडारे का आयोजन किया जायेगा, जिसमें करीब 20 हजार श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है. उन्होंने यह भी बताया कि मंदिर के ऊपरी तल पर अर्धनारीश्वर महादेव की पूजा एक नये पुजारी द्वारा संपन्न करायी जायेगी. गढ़वा में होगा झारखंड का पहला अर्धनारीश्वर मंदिर गढ़वा में झारखंड का पहला अर्धनारीश्वर मंदिर स्थापित होना जिले के लिए गर्व की बात है. रामचंद्र चंद्रवंशी ने कहा कि अर्धनारीश्वर भगवान शिव और शक्ति के संयुक्त स्वरूप हैं, जो नारी और पुरुष के संतुलन और समरसता का संदेश देते हैं. यह मंदिर न केवल आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि सामाजिक चेतना को भी मजबूत करेगा. उन्होंने बताया कि यह झारखंड का पहला अर्धनारीश्वर मंदिर ह मंदिर परिसर को भव्य और आध्यात्मिक वातावरण से युक्त बनाया गया है, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु यहां दर्शन और साधना कर सकें. इससे गढ़वा को धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर भी नयी पहचान मिलेगी. 125 वर्ष पूर्व स्थापित हुई थी मां गढ़देवी रामचंद्र चंद्रवंशी ने बताया कि मां गढ़देवी वर्ष 1900 ईस्वी में प्रकट हुई थीं. उस समय मंदिर मात्र तीन फीट ऊंचा था और चारदीवारी भी नहीं थी. वर्ष 1974 में उन्होंने स्वयं 2,000 रुपये देकर चारदीवारी निर्माण की शुरुआत करायी. इसके बाद क्षेत्र में धार्मिक जागरूकता बढ़ी और वर्ष 1997 में उन्हें धार्मिक न्यास बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया. अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने मंदिर में प्रचलित बलि प्रथा को बंद कराया. पहले प्रतिदिन सैकड़ों बकरों और दशहरा में भैंसे की बलि दी जाती थी। बलि प्रथा बंद कराने के दौरान असामाजिक तत्वों ने उन्हें जान से मारने का प्रयास भी किया, लेकिन मां की कृपा से वे सुरक्षित रहे. 2016 में हुआ मंदरि समिति का गठन रामचंद्र चंद्रवंशी ने बताया कि वर्ष 2016 में मंदिर निर्माण समिति का गठन किया गया, जिसके अध्यक्ष विनोद जायसवाल बनाये गये. समिति के सभी सदस्यों और जनता के सहयोग से आज भव्य मंदिर का निर्माण पूरा हो सका है. उन्होंने कहा कि मंदिर का विकास दानदाताओं द्वारा दी गयी राशि से ही होता है. समिति कभी सड़क पर निकलकर चंदा नहीं मांगती, बल्कि श्रद्धालु स्वयं मंदिर आकर दान देते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >