संगम तट से जल उठा कर यज्ञशाला में हुआ कलश स्थापना गढ़वा. गढ़वा प्रखंड के गोढ़ेया गांव में मंगलवार को पांच कुंडीय श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ. गाजे-बाजे और जयघोष के बीच निकली कलश यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए. भक्तिमय वातावरण के बीच श्रद्धालु कुंडी गांव स्थित कोयल एवं तहले नदी संगम तट से जल उठा कर पुनः यज्ञस्थल पहुंचे, जहां यज्ञशाला में विधिवत कलश की स्थापना की गयी. कलश स्थापना के बाद हरिद्वार से पधारे यज्ञाचार्य कर्मकांड केशरी यादवेंद्राचार्य ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन संपन्न कराया. इस अवसर पर पूरा क्षेत्र धर्ममय माहौल में डूबा रहा. रघुनाथ बाबा यज्ञ समिति गोढ़ेया के संरक्षक संजय कुमार उपाध्याय के नेतृत्व में यह शोभा यात्रा निकाली गयी, जिसमें गढ़वा एसडीओ संजय कुमार सहित 301 कलशधारी महिला-पुरुषों ने भी हिस्सा लिया. कटप्पा टीम की झांकी बनी आकर्षण इस मौके पर बताया गया कि गोढ़ेया गांव में 20 से 25 जनवरी तक चलने वाला यह महायज्ञ अनेक यज्ञों के प्रेरणास्रोत संत वशिष्ठ नारायणाचार्य के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है. संत वशिष्ठ नारायणाचार्य भारत के महान संत त्रिदंडी स्वामीजी महाराज के कृपापात्र जीयर स्वामीजी के शिष्य हैं. मंगलवार को सुबह 10 बजे यज्ञ मंडप में पूजन तथा त्रिदंडी स्वामीजी एवं जीयर स्वामी जी की आरती के बाद कलश यात्रा प्रारंभ की गयी. यात्रा में उत्तर प्रदेश के कटप्पा की टीम हनुमान जी एवं भगवान शंकर के विराट रूप के साथ आकर्षक झांकी प्रस्तुत करते हुये आगे-आगे चल रही थी. इसके बाद भगवान श्रीराधाकृष्ण एवं भगवान शिव-पार्वती का रथ तथा सजे हुए दो अश्व शामिल रहे. इनके पीछे 301 कलशधारी महिला-पुरुष चल रहे थे, जबकि सबसे पीछे पारंपरिक एवं आधुनिक वाद्ययंत्रों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रद्धालु शामिल हुये. श्रीरघुनाथ बाबा यज्ञ समिति गोढ़ेया के संरक्षक संजय कुमार उपाध्याय, अध्यक्ष श्रवण उपाध्याय, सचिव अजय कुमार उपाध्याय, कोषाध्यक्ष रमेश कुमार एवं अरुण उपाध्याय सहित अन्य सदस्यों ने बताया कि बुधवार को पंचांग पूजन एवं अरणि मंथन होगा. महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन दोपहर एक बजे से रात 10 बजे तक प्रवचन का आयोजन किया जायेगा. इसमें छत्तीसगढ़ पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानुजाचार्य ब्रह्मदेवाचार्य जी महाराज, काशी पीठाधीश्वर जगद्गुरु मारूति किंकर जी महाराज, भभुआ, बिहार के प्रो. डा. सीतारमण पांडेय जी एवं शिवानी दूबे प्रवचन देंगे. महायज्ञ में गुजरात के काली कमलीवाले बाबा भी पधारे हैं. आयोजन को लेकर गोढ़ेया गांव समेत आसपास के क्षेत्रों में उत्साह और भक्ति का माहौल बना हुआ है. गढ़वा -शाहपुर मार्ग में तिलदाग मोड़ से यज्ञस्थल तक कई तोरणद्वार बने हैं, साथ ही भगवा ध्वज लगाए गए हैं.
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