गढ़वा से प्रभाष मिश्रा की रिपोर्ट
Garhwa News: झारखंड के गढ़वा जिले का सदर अस्पताल अपनी कुव्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में है. एक सड़क दुर्घटना में घायल युवक को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया, लेकिन अस्पताल की बदहाली ने परिजनों के पसीने छुड़ा दिए. अस्पताल में स्लाइन (पानी) चढ़ाने के लिए एक स्टैंड तक नसीब नहीं हुआ, जिसके कारण परिजनों को घंटों हाथ में बोतल लेकर खड़ा रहना पड़ा.
सड़क हादसे में घायल हुआ युवक
मिली जानकारी के अनुसार, धुरकी थाना क्षेत्र के बरसौती गांव निवासी दशरथ कुमार सिंह (पिता- हंसराज सिंह) शुक्रवार को मोटरसाइकिल दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया. परिजनों ने बताया कि दशरथ के घर में दोहरी खुशियां थीं, 25 अप्रैल को उसके चचेरे भाई बिनेश की शादी है और 26 अप्रैल को उसकी बहन रूबी कुमारी की. दशरथ अपनी बहन और भाई की शादी के लिए कपड़े खरीदने डंडई गया हुआ था. वापसी के दौरान बरसौता गांव के पास अचानक सामने आई गाय को बचाने के चक्कर में उसकी बाइक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई.
हाथ में स्लाइन की बोतल थामे खड़े परिजन
मिन्नतों के बाद शुरू हुआ इलाज
घटना के बाद परिजन घायल दशरथ को लेकर आनन-फानन में गढ़वा सदर अस्पताल पहुंचे. लेकिन यहां का नजारा बेहद चिंताजनक था. अस्पताल में स्लाइन स्टैंड नहीं होने के कारण परिजनों को खुद बोतल पकड़कर खड़े होना पड़ा. इस दौरान युवक दर्द से कराहता रहा, लेकिन काफी देर तक उसे देखने वाला कोई नहीं था. प्रशासनिक संवेदनहीनता की हद तो तब हो गई जब काफी मिन्नतें करने के बाद उसका प्राथमिक उपचार शुरू हो सका.
कुव्यवस्था का पुराना नाता
गढ़वा सदर अस्पताल में सुविधाओं का अभाव कोई नई बात नहीं है. अभी हाल ही में यह अस्पताल तब चर्चा में आया था, जब ड्रेसिंग रूम में पंखा और एसी खराब होने के कारण परिजनों को गत्ते से हवा कर काम चलाना पड़ा था. जबकि एक मामले में एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण एक युवक अपनी मां को ठेला में लेकर सदर अस्पताल पहुंचा था .अब स्लाइन स्टैंड की कमी ने एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग के दावों की पोल खोल दी है. करोड़ों का बजट होने के बावजूद मरीजों को बुनियादी सुविधाएं न मिलना जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है.
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