गढ़वा. केंद्र सरकार के एमएमडीआर कानून के खिलाफ राष्ट्रीय जनता दल की ओर से 24 सितंबर को एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा. कार्यक्रम को लेकर राजद कार्यालय में सोमवार को प्रेस वार्ता आयोजित की गई. इसमें प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ मकबूल आलम, प्रदेश महासचिव उगेंद्र यादव व कार्यकारी जिला अध्यक्ष धर्मराज भारती ने कार्यक्रम की जानकारी दी. प्रेस वार्ता में युवा जिला अध्यक्ष मुनेश्वर सिंह, एससी प्रकोष्ठ के प्रमोद राम, प्रदीप यादव, जगदेव यादव सहित अन्य राजद नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे.
राजद नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण खनिज संपदा से समृद्ध झारखंड के हित प्रभावित हो रहे हैं.झारखंड की पहचान और अर्थव्यवस्था में प्राकृतिक एवं खनिज संपदा की महत्वपूर्ण भूमिका है.ऐसे में खनिज संसाधनों से जुड़े कानूनों में ऐसा कोई भी बदलाव, जिससे राज्य के अधिकार और स्थानीय हित प्रभावित हों, उसका राजद विरोध करेगा.
उन्होंने कहा कि झारखंड के जल, जंगल और जमीन के साथ-साथ यहां की खनिज संपदा से जुड़े राज्य और स्थानीय लोगों के हित भी सुनिश्चित किए जाने चाहिए। राजद नेताओं ने कहा कि पार्टी राज्य के अधिकारों, आदिवासी-मूलवासी हितों और स्थानीय संसाधनों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रही है.
ऐसे किसी भी कानून या प्रावधान का विरोध किया जायेगा, जिससे राज्य के संवैधानिक एवं आर्थिक अधिकार कमजोर होते हों. नेताओं ने कहा कि यह केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि झारखंड के प्राकृतिक संसाधनों और राज्य के अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है. खनिज संपदा का उपयोग राज्य के विकास, स्थानीय रोजगार और जनहित को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए. उन्होंने राजद कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे 24 सितंबर को आयोजित धरना-प्रदर्शन में शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाएं.
