मानव जीवन में चार गुणों से होती है धर्म की स्थापना

मानव जीवन में चार गुणों से होती है धर्म की स्थापना

गोढ़ेया में श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ, प्रवचनों से भक्तिमय बना माहौल प्रतिनिधि, गढ़वा प्रखंड के गोढ़ेया गांव में श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का भव्य आयोजन किया जा रहा है. यह महायज्ञ भारत के महान संत त्रिदंडी स्वामी जी के कृपापात्र जीयर स्वामी जी के शिष्य संत वशिष्ठ नारायणाचार्य के मार्गदर्शन में आयोजित हो रहा है, जो 25 जनवरी तक चलेगा. महायज्ञ में यज्ञशाला की परिक्रमा और प्रवचन पंडाल में कथा सुनने के लिए गोढ़ेया सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. महायज्ञ में देश के प्रसिद्ध संत गुजरात के कालीकमली वाले बाबा का भी आगमन हुआ. उन्होंने महायज्ञ के आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस यज्ञ का हिस्सा बनना उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा. मंच से उन्होंने महायज्ञ समिति के संरक्षक सह समाजसेवी संजय उपाध्याय के प्रयासों की सराहना की. कालीकमली वाले बाबा की उपस्थिति से श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला और लोग उनके दर्शन के लिए उमड़ पड़े. गुरुवार को प्रवचनकर्ता शिवानी दूबे ने भगवान श्रीराम के जन्म पर संगीतमय प्रवचन प्रस्तुत किया, जिससे श्रोता भावविभोर हो गये. इसके बाद छत्तीसगढ़ पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानुजाचार्य ब्रह्मदेवाचार्य जी महाराज ने भगवान श्रीराम के अवतार का आध्यात्मिक अर्थ समझाया. उन्होंने कहा कि मानव शरीर ही अयोध्या है, जिसमें जीव रूपी दशरथ निवास करता है. जीव की तीन शक्तियां कौशल्या रूपी ज्ञान, कैकई रूपी क्रिया और सुमित्रा रूपी उपासना हैं. इन्हीं से चार गुणों का जन्म होता है. श्रीराम ज्ञान, भरत विवेक, लक्ष्मण वैराग्य और शत्रुघ्न सद्विचार के प्रतीक हैं. उन्होंने कहा कि जब मनुष्य में ये चारों गुण प्रकट होते हैं, तब धर्म की स्थापना होती है और जीवन परमानंद से भर जाता है. उन्होंने समाज में धर्मनिष्ठ नेतृत्व की आवश्यकता पर भी जोर दिया. महायज्ञ को सफल बनाने में श्री रघुनाथ बाबा यज्ञ समिति गोढ़ेया के संरक्षक संजय कुमार उपाध्याय, अध्यक्ष श्रवण उपाध्याय, सचिव अजय कुमार उपाध्याय, कोषाध्यक्ष रमेश कुमार, अरुण उपाध्याय सहित अन्य सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. महायज्ञ में काशी पीठाधीश्वर जगद्गुरु मारुति किंकर जी महाराज का प्रवचन भी चल रहा है. आयोजन से पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है.

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By Akarsh Aniket

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