जनसुनवाई में खुली अंचल-प्रखंड कार्यालयों की पोल, डीसी ने अधिकारियों की चेतावनी

जनसुनवाई में खुली अंचल-प्रखंड कार्यालयों की पोल, डीसी ने अधिकारियों की चेतावनी

प्रतिनिधि, गढ़वा समाहरणालय सभागार में मंगलवार को उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय साप्ताहिक जनसुनवाई में अंचल और प्रखंड कार्यालयों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठे. सुदूरवर्ती गांवों से पहुंचे फरियादियों ने शिकायतों के माध्यम से बताया कि किस प्रकार निचले स्तर पर लोगों को विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए भटकना पड़ रहा है. जनसुनवाई में राशन, पेंशन, आवास, सरकारी भूमि पर अतिक्रमण, दाखिल-खारिज, सड़क निर्माण के बदले मुआवजा और आंगनबाड़ी सेवाओं से जुड़ी शिकायतें प्रमुखता से सामने आयीं. उपायुक्त ने सभी मामलों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अंचलाधिकारियों और विभागीय अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया. जनसुनवाई के अंत में उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि जिन मामलों का समाधान प्रखंड और अंचल स्तर पर होना चाहिए, उनके लिए लोगों को जिला मुख्यालय तक आना पड़ रहा है, यह स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने कहा कि वरिष्ठ न्यायिक अथवा प्रशासनिक स्तर से जारी आदेशों की अनदेखी करने वाले व मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने वाले अधिकारियों और कर्मियों पर सीधे अनुशासनात्मक कार्रवाई की जायेगी. निर्माण रोकने के आदेश के बावजूद जारी है कार्य मेराल प्रखंड के संगबरिया निवासी संजय कुमार ने शिकायत की कि गांव के ब्रह्मदेव साह सार्वजनिक आम रास्ते की सरकारी भूमि को अपनी रैयती जमीन बताकर पक्का भवन निर्माण करा रहे हैं. उन्होंने बताया कि अंचलाधिकारी द्वारा जांच के बाद निर्माण कार्य रोकने का आदेश दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद निर्माण जारी है. मामले को गंभीर मानते हुए उपायुक्त ने तत्काल अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया. एलआरडीसी के आदेश के बाद भी नहीं हुआ दाखिल-खारिज सदर प्रखंड के कल्याणपुर निवासी जुबैर अंसारी ने बताया कि अंचल कार्यालय ने उनका दाखिल-खारिज आवेदन अस्वीकार कर दिया था. इसके बाद उन्होंने भूमि सुधार उप समाहर्ता (एलआरडीसी) की अदालत में अपील की, जहां उनके पक्ष में आदेश पारित हुआ. इसके बावजूद अंचल कार्यालय में महीनों से फाइल लंबित है. उपायुक्त ने संबंधित अंचलाधिकारी को आदेश का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. सेविका चयन नहीं होने से पोषाहार योजना प्रभावित चिनिया प्रखंड के आदिम जनजाति बहुल ग्राम सीदे के ग्रामीण करीमन कोरवा, राजेश कोरवा और रेशमा देवी ने बताया कि लंबे समय से आंगनबाड़ी केंद्र में सेविका और सहायिका का चयन नहीं हो पाया है. ग्रामसभा आयोजित नहीं होने के कारण गर्भवती महिलाओं और बच्चों को मिलने वाला पोषाहार प्रभावित हो रहा है. उपायुक्त ने जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को शीघ्र विशेष ग्रामसभा आयोजित कराने का निर्देश दिया. सड़क बनी, लेकिन नहीं मिला मुआवजा मेराल प्रखंड के दुलदुलवा निवासी रामाधार साह ने बताया कि चिरौंजिया-पचपड़वा सड़क निर्माण के लिए उनकी रैयती भूमि का अधिग्रहण किया गया, लेकिन अब तक उन्हें न तो कोई नोटिस मिला और न ही मुआवजा दिया गया. उन्होंने बताया कि कई बार कार्यालय का चक्कर लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है. उपायुक्त ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Akarsh Aniket

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >