श्री बंशीधर नगर,गढ़वा: केंद्र सरकार द्वारा संसद में पारित खान-खनिज विकास एवं विनियमन संशोधन विधेयक 2026 के विरोध में वामपंथी व विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं ने सगमा बाजार में विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), भाकपा-माले, एसयूसीआई, राजद और क्रांतिकारी किसान मजदूर यूनियन के कार्यकर्ताओं ने विधेयक की प्रति जलाकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.
प्रदर्शनकारी ‘खान-खनिज संशोधन विधेयक वापस लो’, ‘झारखंड को लूटने की साजिश बंद करो’, ‘काला कानून वापस लो’ और ‘हर जोर-जुल्म की टक्कर में संघर्ष हमारा नारा है’ जैसे नारे लगा रहे थे.
यह भी पढ़ें : मां की डांट से नाराज होकर खाया किशोरी ने खाया जहरीला पदार्थ, सदर अस्पताल में भर्ती
कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने का लगाया आरोप
सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि यह विधेयक राज्य के हितों के खिलाफ है. जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों पर पहला अधिकार झारखंड के लोगों का है. इन संसाधनों से मिलने वाला राजस्व राज्य के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का मुख्य आधार है.
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए यह कानून लाई है. उन्होंने कहा कि जब तक विधेयक वापस नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
कार्यक्रम को भाकपा राज्य परिषद सदस्य विनोद ठाकुर, राजद प्रदेश महासचिव अभय कुमार पांडेय, सीपीआई जिला सचिव रामेश्वर प्रसाद अकेला, भाकपा-माले जिला कमेटी सदस्य कामेश्वर विश्वकर्मा, एसयूसीआई के विनय विश्वकर्मा और क्रांतिकारी किसान मजदूर यूनियन के ललन सिंह ने संबोधित किया. मौके पर भाकपा जिला कमेटी सदस्य श्रीराम, विद्या पासवान, कृष्णा गुप्ता, अंतु तुरिया, कैमु अंसारी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे.
