गढ़वा : न्यायिक व गैर न्यायिक स्टांप की कालाबाजारी से न्यायिक कार्यों में परेशानी

अधिवक्ताओं ने कहा कि इन गंभीर अनियमितता की शिकायत जिला प्रशासन के वरीय पदाधिकारी से कई बार औपचारिक रूप से की गयी. लेकिन इसका कोई परिणाम नहीं निकला.

हीरा दूबे, गढ़वा

गढ़वा न्यायालय परिसर में पिछले काफी दिनों से न्यायिक एवं गैर न्यायिक स्टांप को लेकर लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है. स्टांप वेंडर द्वारा मनमाने ढंग से स्टांप टिकटों की कालाबाजारी से लोगों को जहां अधिक मूल्य देकर स्टांप खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है, वहीं समय पर स्टांप मिल भी नहीं पा रहा है. इसे लेकर जिला अधिवक्ता संघ में भी काफी नाराजगी है. संघ के अध्यक्ष गौतम कृष्ण सिन्हा के नेतृत्व में संघ के पदाधिकारियों ने स्टांप वेंडर के द्वारा टिकटों की कालाबाजारी के विरोध में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गढ़वा को आवेदन दिया है. इसमें अधिवक्ताओं ने स्टांप की किल्लत बताकर कालाबाजारी करनेवाले स्टांप वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई करने और लोगों के लिए स्टांप को सुलभ बनाने का आग्रह किया है.

आवेदन में प्रतिनिधि मंडल ने कहा है कि गढ़वा जिला मुख्यालय में कुल 13 लोगों को स्टांप वेंडर का लाइसेंस (अनुज्ञप्ति) दिया गया है. जिसमें से मात्र चार स्टांप वेंडर ही नियमित रूप से दुकान संचालित करते हैं. ये लोग स्टांप पेपर को अधिक दाम लेकर उसकी कालाबाजारी कर रहे हैं. बताया गया कि इनके दुकानों पर टिकट की उपलब्धता अथवा अनुपलब्धता की कोई सूची नहीं लगी होती है. निर्धारित मूल्य पर टिकट मांगने पर वे साउ इनकार कर देते हैं. अधिवक्ताओं ने कहा कि इन गंभीर अनियमितता की शिकायत जिला प्रशासन के वरीय पदाधिकारी से कई बार औपचारिक रूप से की गयी. लेकिन इसका कोई परिणाम नहीं निकला. विवश होकर वे लोग प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पास अपनी पीड़ा व्यक्त कर रहे हैं.

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राजस्व न्यायालय के बहिष्कार की चेतावनी दी

अधिवक्ताओं ने कहा कि स्टांप वेंडर लंबेी समय से टिकटों की कालाबाजारी कर रहे हैं. इस कारण न्यायिक कार्यों में उन्हें काफी समस्या का सामना करना पड़ता है. इससे आम जनता भी प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हो रही है. यह न्याय के मौलिक अधिकारों का हनन है. अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि इस समस्या का समाधान शीघ्र नहीं किया जाता है, तो बाध्य होकर जिला अधिवक्ता संघ गढ़वा के बैनर तले सभी अधिवक्ता कार्यपालक दंडाधिकारी एवं राजस्व न्यायालय का बहिष्कार करेंगे. संघ द्वारा इस आशय की लिखित सूचना मुख्य सचिव झारखंड सरकार रांची और प्रमंडलीय आयुक्त मेदिनीनगर को भी दी गयी है.

कोषागार में स्टांप उपलब्ध न होने से परेशानी : वेंडर विजय कुमार

कालाबाजारी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए स्टांप वेंडर विजय कुमार उर्फ चुन्नू बाबू ने कहा कि अक्टूबर माह तक कोषागार से स्टांप उपलब्ध कराया गया था. जिसे नवंबर माह तक वितरण कर दिया गया है. इस समय कोषागार में स्टांप उपलब्ध नहीं होने के कारण उसका वितरण नहीं किया जा रहा है. उन्होंने स्टांप की कालाबाजारी करने की बात को पूरी तरह से गलत बताया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के द्वारा 23 स्टांप वेंडर को अनुज्ञप्ति निर्गत किया गया है. जबकि यहां चार दुकान ही संचालित किया जा रहे हैं. शेष स्टांप वेंडर का कोई आता-पता नहीं है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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