निजी विद्यालयों का शिक्षा के क्षेत्र में है महत्वपूर्ण योगदान : वीडी राम

निजी विद्यालयों का शिक्षा के क्षेत्र में है महत्वपूर्ण योगदान : वीडी राम

गढ़वा जिला पब्लिक स्कूल समन्वय समिति ने रविवार को स्थानीय आरकेवीएस बीएड कॉलेज के सभागार में शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया. इसमें शिक्षा के क्षेत्र में समर्पित जिले के सात शिक्षकों को सम्मानित किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि पलामू के सांसद विष्णु दयाल राम, समन्वय समिति के अध्यक्ष अलख नाथ पांडेय, उपाध्यक्ष सिस्टर रोशना व सचिव एमपी केशरी ने किया. मुख्य अतिथि सांसद बीडी राम ने कहा कि निजी विद्यालयों का शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान है. इसे कम कर नहीं आंकना चाहिए. वह प्रयास करेंगे कि सरकारी स्तर से जितना सहयोग हो सकेगा वह निजी विद्यालयों को भी किया जाये. उन्होंने इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम सभी जगह होने चाहिए.

शिक्षक पढ़कर पढ़ाने की आदत डालें : समिति के अध्यक्ष अलख नाथ पांडेय ने कहा कि शिक्षक अपने आप में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं. गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा की जिम्मेदारी शिक्षकों पर है. शिक्षकों को पढ़कर पढ़ाने की आदत डालनी चाहिए. समिति की उपाध्यक्ष सिस्टर रोशना ने नयी शिक्षा नीति के बारे बताया. कहा कि आज के समय में शिक्षकों का कार्य चुनौती पूर्ण है. समिति के सह सचिव संजय सोनी ने भी अपने विचार व्यक्त किये. कार्यक्रम को ब्रजेश मिश्रा सहित अन्य लोगों ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम का संचालन समिति के सचिव एम पी केशरी ने जबकि धन्यवाद ज्ञापन सुशील केशरी ने किया

सम्मानित होनेवाले शिक्षक : सम्मानित होने वाले शिक्षकों में अरविंद कुमार (चंद्रवंशी सरस्वती ज्ञान मंदिर बिशनपुरा), सजाउल हक शाह (ज्ञान भारती पब्लिक स्कूल बेलचंपा), स्वीटी वर्षा बाखला (शांति निवास उच्च विद्यालय गढ़वा), नेहा कुमारी (गुरुकुल पब्लिक स्कूल नगर उंटारी), कुमारी ममता (आदर्श बाल विकास विद्यालय रंका), राजेश कुमार पांडेय (आरके पब्लिक पब्लिक स्कूल ऊंचरी मझिआंव) तथा रीना कुमारी (बीएसकेडी पब्लिक स्कूल गढ़वा) शामिल हैं. इन्हें मुख्य अतिथि ने प्रशस्ति पत्र प्रदान कर एवं शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया. इसके पूर्व सम्मानित होने वाले शिक्षकों का जीवन परिचय समिति के कोषाध्यक्ष अशोक विश्वकर्मा ने कराया.

लक्की ड्रॉ हुआ : कार्यक्रम के अंत में लक्की टीचर के लिए ड्रॉ किया गया. इसमें सूरत पांडेय पब्लिक स्कूल सहिजना की शिखा कश्यप को लक्की टीचर ऑफ द डे का खिताब दिया गया. उन्हें शाल ओढ़ाकर और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया. समिति में बेहतर कार्य एवं दायित्व निर्वहन के लिए सिस्टर रोशना और मुजीबुद्दीन खान को भी मुख्य अतिथि ने प्रशस्ति पत्र देकर एवं शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया.

उपस्थित लोग : मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष ठाकुर महतो, उपाध्यक्ष संजय ठाकुर, मुकेश निरंजन सिन्हा, जिला सांसद प्रतिनिधि प्रमोद चौबे, नगर परिषद सांसद प्रतिनिधि चंदन जायसवाल, ललन साहू, कुमार चंद्रभूषण सिन्हा, राजमोहन ठाकुर, अमित कुमार सिंह, आनंद कुमार पंकज, तौहीद अंसारी, आदम अंसारी, यासीन मलिक, मुकेश चोबे, अनिल विश्वकर्मा, महेंद्र कुमार विश्वकर्मा, उमाशंकर पाल, प्रमोद कुमार झा, अशोक मेहता, रामानुज सिंह, पूनम देवी, ऋषि राजकुमार के साथ-साथ जिले भर से विभिन्न विद्यालयों के निदेशक प्राचार्य एवं शिक्षक उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

नगर निकाय चुनाव में नहीं चला विधानसभा का गणितगढ़वा नगर परिषद चुनाव में भाजपा, झामुमो, कांग्रेस व राजद को उम्मीद से कम मिले मत- अध्यक्ष पद पर निर्दलीय प्रत्याशी की जीत ने चौंकाया- पिछले मत प्रतिशत को बरकरार नहीं रख सके बड़े दलपीयूष तिवारी, गढ़वागढ़वा नगर परिषद चुनाव संपन्न होने के बाद प्रत्याशियों को मिले मतों और उनके जीत-हार के समीकरणों की चर्चा शहर के नुक्कड़ों और चौक-चौराहों पर तेज हो गयी है. बिना किसी दल और बड़े नेताओं के समर्थन के दौलत सोनी की अध्यक्ष पद पर जीत ने सभी को चौंका दिया है. इस चुनाव में झामुमो, कांग्रेस, राजद और भाजपा जैसे बड़े दलों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी. लेकिन परिणामों ने इन दलों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. करीब 15 महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में इन दलों को जो मत मिले थे, उन्हें वे अपने समर्थित प्रत्याशियों के माध्यम से बरकरार नहीं रख सके. सबसे खराब स्थिति भाजपा की रही है. विधानसभा चुनाव 2024 में भाजपा शहर के 33 बूथों में से 30 बूथों पर पहले स्थान पर रही थी. शहरी क्षेत्र से पार्टी को 15 हजार से अधिक मत प्राप्त हुए थे. इसके विपरीत नगर निकाय चुनाव में भाजपा के अध्यक्ष पद की प्रत्याशी कंचन जायसवाल को मात्र 2582 मत मिले. यदि भाजपा के बागी प्रत्याशी अलखनाथ पांडेय को मिले 2701 मत भी जोड़ दिये जाएं, तो कुल आंकड़ा लगभग 5300 तक ही पहुंचता है. यह संख्या विधानसभा चुनाव में मिले मतों की तुलना में काफी कम है.पिछले निकाय चुनाव के मत भी नहीं बचा सकी भाजपावर्ष 2018 के नगर निकाय चुनाव में अलखनाथ पांडेय की पत्नी मीरा पांडेय ने भाजपा के टिकट पर उपाध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा था. उन्हें 6899 मत मिले थे. वहीं निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उपाध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ने वाले विनोद जायसवाल (2026 में भाजपा समर्थित प्रत्याशी कंचन जायसवाल के पति) को 3810 मत प्राप्त हुए थे. वर्तमान चुनाव में ये दोनों ही परिवार अपने पुराने प्रदर्शन को दोहरा नहीं सके. न तो विधानसभा चुनाव में मिले मतों को बरकरार रख पाये और न ही पिछले निकाय चुनाव के आंकड़े तक पहुंच सके.झामुमो और कांग्रेस का गठजोड़ भी नहीं दिला सका जीतगढ़वा नगर परिषद चुनाव में झामुमो ने संतोष केसरी को अपना समर्थित प्रत्याशी बनाया था. कांग्रेस ने भी उन्हें समर्थन दिया. दो बड़े दलों के समर्थन के बावजूद संतोष केसरी को मात्र 3790 मत प्राप्त हुए. वर्ष 2018 के निकाय चुनाव में महिला आरक्षित सीट होने के कारण संतोष केसरी की पत्नी पिंकी केसरी अध्यक्ष पद की प्रत्याशी थीं. तब उन्हें 6411 मत मिले थे और वे भाजपा प्रत्याशी थीं. उसी चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी कमर सफदर को केवल 420 मत प्राप्त हुए थे. दोनों दलों को उम्मीद थी कि संयुक्त रूप से वे करीब सात हजार मत प्राप्त कर संतोष केसरी को जीत दिला देंगे. लेकिन यह रणनीति सफल नहीं हो सकी.54 मतों से हारने वाली अनिता दत्ता को इस बार केवल 215 मतवर्ष 2018 के नगर परिषद चुनाव में झामुमो की प्रत्याशी अनिता दत्ता को 6357 मत मिले थे. वे मात्र 54 मतों के अंतर से पिंकी केसरी से हार गयी थीं. इस बार अनिता दत्ता को किसी दल का समर्थन नहीं मिला और वे निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरीं. लेकिन उन्हें केवल 215 मतों से ही संतोष करना पड़ा.राजद भी पिछला प्रदर्शन दोहराने में विफलनगर परिषद चुनाव 2026 में राजद ने विकास माली को समर्थन दिया. विकास माली को 1222 मत प्राप्त हुए. जबकि वर्ष 2018 के चुनाव में राजद समर्थित प्रत्याशी मनिका नारायण को 5117 मत मिले थे. वहीं उपाध्यक्ष पद के लिए राजद प्रत्याशी मो शमीम को 2018 में 3728 मत प्राप्त हुए थे. कुल मिलाकर नगर परिषद चुनाव के नतीजों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस बार मतदाताओं ने दलों की बजाय प्रत्याशियों को प्राथमिकता दी. बड़े दलों की रणनीति और पुराने मत प्रतिशत इस चुनाव में कारगर साबित नहीं हुए.

जमीन विवाद में हुई थी विक्रेता की हत्या, तीन शूटर गिरफ्तार

नाबालिग से दुष्कर्म के बाद हत्या मामले में एक सप्ताह बाद भी पुलिस के हाथ खाली

फर्जी दस्तावेज पर बनवाये गये प्रमाण पत्र रद्द

यह भी पढ़ें >