Garhwa: पेसा नियमावली के प्रभावी क्रियान्वयन और जन जागरूकता को लेकर शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में एक दिवसीय जिला स्तरीय राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने दीप प्रज्वलित कर किया. यह महत्वपूर्ण नियमावली गढ़वा जिले के अनुसूचित क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दो प्रमुख प्रखंडों भंडरिया एवं बड़गड़ में लागू की जाएगी. सम्मेलन में मुख्य रूप से पेसा नियमावली के प्रावधानों, स्थानीय संसाधनों पर सामुदायिक अधिकार, पारंपरिक व्यवस्थाओं के संरक्षण और जनभागीदारी आधारित विकास में ग्राम सभाओं की केंद्रीय भूमिका पर विस्तृत मंथन किया गया.
उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने कही यह बात
कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने कहा कि पेसा नियमावली अनुसूचित क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी और स्थानीय समुदायों के अधिकारों को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है. निर्णय प्रक्रिया के केंद्र में अब ग्राम सभा होगी. उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे इस नियमावली को गंभीरता से समझें और दोनों प्रखंडों में इसके प्रभावी कार्यान्वयन के लिए आपसी समन्वय से काम करें. डीसी ने कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक व्यवस्था नहीं, बल्कि स्थानीय समुदायों की परंपराओं, संस्कृति, रीति-रिवाजों और प्राकृतिक संसाधनों पर उनके अधिकारों को सुदृढ़ करने का माध्यम है.
उप विकास आयुक्त ने कही यह बात
उप विकास आयुक्त प्रेमलता मुर्मू ने कहा कि पेसा नियमावली ग्राम स्वशासन की अवधारणा को मजबूत करने वाली व्यवस्था है. विकास योजनाओं की सफलता तभी संभव है, जब स्थानीय समुदायों की सीधी सहभागिता हो. उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे ग्राम सभाओं को अधिक सक्रिय बनाने के लिए जमीनी स्तर पर कार्य करें. वहीं, अपर समाहर्ता विकास कुमार राय ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और सामाजिक न्याय के लिए व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि गांव-गांव तक इसके प्रावधानों की जानकारी पहुंच सके.
राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में हुई विस्तार से चर्चा
राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में राज्य स्तर से आए विशेषज्ञों ने नियमावली के तकनीकी और कानूनी पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी. इस मौके पर वन प्रमंडल पदाधिकारी (सामाजिक वानिकी), भंडरिया व बड़गड़ के बीडीओ और अंचल अधिकारी, भवन प्रमंडल व लघु सिंचाई के कार्यपालक अभियंता, जिला खनन पदाधिकारी, जिला उत्पाद अधीक्षक, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, कृषि उत्पाद बाजार समिति के पणन सचिव, जेएसएलपीएस की डीपीएम और जिला पंचायत राज की डीपीएम सहित कई विभागों के आला अधिकारी उपस्थित थे.
ये भी पढ़ें…
गढ़वा में ‘आपन सरस्वतिया’ अभियान बना जनआंदोलन, 11वें दिन भी जारी
गढ़वा: समय पर खाना नहीं बनाने को लेकर हुआ विवाद, महिला ने खाया कीटनाशक
