गढ़वा : बारिश में दलदल बनी सड़क, एक हाथ में किताब तो दूसरे में चप्पल लेकर स्कूल जाने को मजबूर हैं बच्चे

विशुनपुरा के पतागड़ा गांव में सड़क की बदहाली से 500 लोग परेशान हैं। कीचड़ और दलदल के कारण स्कूली बच्चों और मरीजों का निकलना हुआ मुश्किल। जानें पूरी खबर।

गढ़वा. विशुनपुरा प्रखंड क्षेत्र के मधुरी गांव में सड़क की बदहाली ने करीब 80 घरों के लगभग 500 लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. विशुनपुरा-श्रीबंशीधर नगर मुख्य पथ से पतागड़ा होते हुए विशुनपुरा तक जाने वाली सड़क और नहरी टोला से उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय तक पहुंचने वाला करीब डेढ़ किलोमीटर रास्ता बारिश के कारण पूरी तरह कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गया है. स्थिति यह है कि ग्रामीणों के लिए पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है.

सड़क पर जगह-जगह पानी और कीचड़ जमा

ग्रामीणों के अनुसार, पतागड़ा के लोगों के लिए यह सड़क प्रखंड मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों से जुड़ने का प्रमुख मार्ग है. बारिश होते ही सड़क पर जगह-जगह पानी और कीचड़ जमा हो जाता है. ऐसे में बाइक और साइकिल से आवागमन करना जोखिम भरा हो गया है. जरूरी काम से घर से निकलने वाले लोगों को इसी बदहाल रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है.

एक हाथ में बैग, दूसरे में चप्पल लेकर स्कूल जाते हैं बच्चे

सड़क की बदहाली का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है. नहरी टोला से उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय जाने वाले बच्चों को रोजाना कीचड़ भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है. कई बच्चे एक हाथ में स्कूल बैग और दूसरे हाथ में चप्पल लेकर नंगे पैर कीचड़ पार करते नजर आते हैं. अभिभावकों का कहना है कि रास्ते में फिसलन इतनी अधिक है कि बच्चों के गिरने का खतरा बना रहता है. इससे उनके कपड़े और स्कूल ड्रेस भी गंदे हो जाते हैं.

बुजुर्ग और मरीजों की भी बढ़ी मुश्किल

ग्रामीणों के अनुसार, सड़क खराब होने के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. आपात स्थिति में मरीजों को स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल ले जाना चुनौती बन जाता है. कीचड़ और फिसलन के कारण दोपहिया वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा भी बना रहता है.

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दो विधायकों के लंबे कार्यकाल पर ग्रामीणों ने उठाये सवाल

सड़क की बदहाली को लेकर ग्रामीणों में जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी है. ग्रामीणों ने पूर्व विधायक सह मंत्री भानु प्रताप शाही और वर्तमान विधायक अनंत प्रताप देव के कार्यकाल को लेकर सवाल उठाये हैं. ग्रामीणों का कहना है कि भानु प्रताप शाही करीब 15 वर्षों तक विधायक रहे और मंत्री भी बने, लेकिन उनके कार्यकाल में भी पतागड़ा की सड़क का निर्माण नहीं हो सका.

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स्थिति में जल्द सुधार कराने की मांग

वहीं, ग्रामीणों के अनुसार अनंत प्रताप देव वर्ष 2009 से 2014 तक विधायक रहे और वर्तमान कार्यकाल के भी करीब दो वर्ष बीत चुके हैं. इसके बावजूद सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है. ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सड़क की स्थिति में जल्द सुधार कराने की मांग की है, ताकि बारिश के दिनों में आवागमन की समस्या से राहत मिल सके.


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By Deepak

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