गढ़वा: पर्यावरण परिवार ने पूरा किया 2000 पौधे लगाने का लक्ष्य, प्राइमरी स्कूल लोटो में किया अंतिम पौधरोपण

पर्यावरण परिवार ने प्राथमिक विद्यालय लोटो में दो हजार पौधे लगाने का लक्ष्य पूरा किया। पौधों की सुरक्षा के लिए जालीदार घेरा भी लगाया गया है।

गढ़वा. पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पर्यावरण परिवार ने प्राथमिक विद्यालय लोटो के परिसर में इस वर्ष का अंतिम पौधरोपण किया. इसी के साथ संस्था ने इस वर्ष दो हजार पौधे लगाने का लक्ष्य भी पूरा कर लिया.

कई प्रजातियों के पौधे लगाये गये

पौधरोपण अभियान के दौरान प्लेटफॉर्म, महोगनी, अमलतास, छतवन, नीम और कचनार समेत विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाये गये. पौधों की सुरक्षा के लिए उनके चारों ओर जालीदार घेरा भी लगाया गया.

संस्था के सदस्यों के अनुसार, बिना चारदीवारी वाले विद्यालय परिसर में पौधों को सुरक्षित रखने के लिए जालीदार घेरा लगाने का प्रयोग किया गया है. इससे पौधों को नुकसान से बचाने और उनके बेहतर विकास में मदद मिलेगी.

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पौधों की देखभाल पर भी जोर

पर्यावरण परिवार के सदस्यों ने कहा कि केवल पौधरोपण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पौधों की सुरक्षा और नियमित देखभाल भी जरूरी है. विद्यालय परिसर में पौधे विकसित होने से बच्चों को स्वच्छ और हरा-भरा वातावरण मिलेगा.

इसके साथ ही बच्चों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी. संस्था ने कहा कि पौधरोपण अभियान आगे भी जारी रहेगा. लगाये गये पौधों की नियमित देखभाल और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जायेगा.

मौके पर नीतिन तिवारी समेत पर्यावरण परिवार के कई सदस्य मौजूद थे.

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By Avinash Singh

अविनाश कुमार सिंह प्रभात खबर के गढ़वा ब्यूरो चीफ हैं. वह आंचलिक से लेकर राज्य मुख्यालय तक 27 वर्ष से अधिक की पत्रकारिता का अनुभव रखते हैं. राजनीतिक विश्लेषण, क्राइम रिपोर्टिंग, हाई-प्रोफाइल इंटरव्यू और खोजी पत्रकारिता.में इन्हें महारत हासिल है. अविनाश कुमार सिंह झारखंड की पत्रकारिता और 'प्रभात खबर' के विश्वसनीय चेहरा हैं, जिन्होंने खबरों की गुणवत्ता को हमेशा प्राथमिकता दी है. लगभग तीन दशकों (27 वर्ष) के अपने लंबे सफर में उन्होंने पलामू ब्यूरो प्रमुख के रूप में 10 साल से अधिक समय तक नेतृत्व किया. इसके बाद प्रदेश मुख्यालय (रांची) में काम करते हुए, विशेषकर वर्ष 2024 के चुनावों के दौरान, उनके सटीक चुनावी विश्लेषण और राजनीतिक रिपोर्टिंग ने काफी प्रभाव छोड़ा.उनकी लेखनी का दायरा बेहद व्यापक है—संवेदनशील क्राइम रिपोर्टिंग से लेकर प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के इंटरव्यू तक, उनकी हर खबर चर्चा में रही है. पत्रकारिता के माध्यम से कई बड़े मामलों का उद्भेदन करना उनकी विशेष पहचान है.झारखंड राज्य गठन के बाद अविनाश ने पलामू में काम करते हुये राजनीतिक से जुड़ी कई ऐसी खबर को ब्रेक किया ,जिसका असर राज्य की राजनीतिक पड़ा .प्रयोगधर्मी पत्रकार के रूप में भी इनकी पहचान है .संस्थान के प्रति समर्पण के लिए उन्हें 'बेस्ट एम्प्लोयी' जैसे पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है. प्रभात खबर के संघर्ष से लेकर इसके विकास और उत्थान के सफर में अविनाश एक सक्रिय सहभागी और सहयात्री रहे हैं.

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