सरकारी भूमि की अतिक्रमणवाले जगह पर यात्री शेड निर्माण का विरोध

प्रखंड मुख्यालय के मनमोहर चौक पर यात्री शेड निर्माण को लेकर पिछले सप्ताह से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है.

रमकंडा. प्रखंड मुख्यालय के मनमोहर चौक पर यात्री शेड निर्माण को लेकर पिछले सप्ताह से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. पूर्व मंत्री सह गढ़वा रंका विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक मिथलेश कुमार ठाकुर द्वारा लगाये गये योजना बोर्ड को असामाजिक तत्वों ने उखाड़ फेंका, जिससे विवाद और गहराया. निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है, और निर्माण स्थल पर मजदूरों तथा हरहे पंचायत के मुखिया श्रवण प्रसाद कमलापुरी समेत स्थानीय ग्रामीणों के बीच बहस हो चुकी है. यह यात्री शेड विधायक निधि के तहत सरकारी भूमि (खाता संख्या 763, प्लॉट संख्या 3101) पर प्रस्तावित है. शेड के लिए खंभे लगाए जा चुके हैं, लेकिन तीखे मोड़ पर स्थित निर्माण स्थल को लेकर स्थानीय लोग आशंका जता रहे हैं कि यहां यात्री शेड बनने से सड़क दुर्घटना की संभावना बनी रह सकती है. कुछ माह पहले इसी स्थान पर दुकानदारों ने लोहे की पाइप लगाकर अवैध संरचना खड़ी कर दी थी. अंचल अधिकारी अनिल रविदास ने इसे हटाने का निर्देश दिया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई. अब उसी स्थान पर शेड निर्माण के लिए लोहे के इंगल लगने पर दोबारा विवाद भड़क गया है. स्थानीय लोग पूछ रहे हैं कि जिस स्थान पर दुकानों का निर्माण असुरक्षित है, वहां यात्रियों के लिए शेड कैसे उचित हो सकता है? दरअसल, पहले इसी स्थान पर जर्जर यात्री शेड मौजूद था, लेकिन वह अवैध कब्जे और लापरवाही की वजह से गिर गया. खाली जमीन पर पुनः अतिक्रमण शुरू हुआ और अब जब सरकारी निर्देशानुसार यात्री शेड निर्माण हो रहा है, कुछ लोग राजनीतिक कारणों से इसका विरोध कर रहे हैं। मनमोहर चौक से डाल्टनगंज, गढ़वा और छत्तीसगढ़ के लिए सड़क मार्ग निकलता है. यहां प्रतिदिन यात्रियों की भीड़ रहती है, और टेम्पू जैसी सार्वजनिक परिवहन सेवाएं भी उपलब्ध हैं. ऐसे में यात्री शेड से राहगीरों को सुरक्षा व सुविधा मिल सकती है. मुखिया श्रवण प्रसाद कमलापुरी का कहना है कि प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद विभागीय आदेश के अनुसार निर्माण कार्य किया जा रहा है. उनका आरोप है कि कुछ लोग केवल अपनी अवैध संरचना को बचाने के लिए विरोध कर रहे हैं. भाजपा मंडल अध्यक्ष राजकुमार विश्वकर्मा ने स्पष्ट किया कि पार्टी की ओर से कोई विरोध नहीं है, लेकिन उन्होंने भी तीखे मोड़ पर किसी भी प्रकार की संरचना को दुर्घटनाग्रस्त क्षेत्र बताते हुए निर्माण पर पुनर्विचार की बात कही.

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Author: DEEPAK

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