गढ़वा: अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय की अदालत ने 13 वर्ष पुराने हत्या के मामले में अंतिम सुनवाई करते हुए आरोपी शहीद अहमद को दोषी करार दिया है. पलामू जिले के बैरिया थाना क्षेत्र के खनवा निवासी शहीद अहमद को आजीवन कारावास तथा पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी गयी है. जुर्माना नहीं देने पर उसे तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.
यह मामला गढ़वा थाना क्षेत्र के महूलिया गांव का है. 17 मार्च 2011 की रात पुरानी रंजिश को लेकर आरोपी अलीजान अंसारी, रिजवान अंसारी, शहीद अहमद तथा अन्य लोगों ने अब्दुल शकूर अंसारी के साथ मारपीट की थी. आरोपियों ने उन्हें घसीटकर अलीजान अंसारी के घर ले जाकर पत्थरों से हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए. इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी थी.
घटना के बाद मृतक की पत्नी मैना बीबी के बयान पर गढ़वा थाने मामला दर्ज कराया था. पुलिस ने अनुसंधान के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया. मुख्य आरोपियों के खिलाफ पहले ही फैसला हो चुका था, जबकि शहीद अहमद के विरुद्ध अलग से सुनवाई हुई.
साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास एवं पांच हजार रुपये जुर्माना, धारा 148 के तहत एक वर्ष, धारा 323 के तहत छह माह तथा धारा 325 के तहत तीन वर्ष के कारावास और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी. अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक उमेश दीक्षित ने पैरवी की.
