गड़बड़ी की पुष्टि के बाद भी पैसे की रिकवरी नहीं

गड़बड़ी की पुष्टि के बाद भी पैसे की रिकवरी नहीं

मझिआंव.

मझिआंव प्रखंड के चंद्रपुरा गांव में पुराने सिंचाई कूप के मुंडेर के पत्थर को तोड़कर उसे नया रूप देकर उसे नया कूप बता दिया गया. इसके बाद इसी के आधार पर 73 हजार रुपये की निकासी कर ली गयी थी. मनरेगा योजना के तहत बने इस बिरसा सिंचाई सिंचाई कूप की जांच करीब 10 माह पहले हुई थी, जिसमें गड़बड़ी की पुष्टि हो गयी. पर निकाली गयी रकम 73 हजार रुपये की रिकवरी नहीं हुई है. अब पुराने पदाधिकारी के स्थानांतरण के बाद आये नये पदाधिकारियों को गुमराह कर सिंचाई कूप के लाभुक सुदामा साहू ने कूप के बाकी बचे 4.18 लाख रुपये निकालने के लिए भी प्रयास शुरू कर दिया है. वहीं वह नये कनीय अभियंता से 76 हजार रुपये का एमबी भी बुक कराने का दावा किया जा रहा है.

क्या है मामला : चंद्रपुरा गांव में मनरेगा योजना से गत वर्ष सुदामा साहू के खेत में 4.91 लाख रुपये की लागत से बनने वाले बिरसा सिंचाई कूप (वर्क कोड नंबर 7080903126115) की स्वीकृति मिली थी. इसके बाद लाभुक ने पुराने कूप को तोड़कर उसी पत्थर से आनन-फानन में नया कूप का रूप दे दिया. इसकी शिकायत गया. इसी दौरान आछोडीह गांव के आनंद कुमार दुबे द्वारा तत्कालीन बीडीओ सतीश भगत व उप विकास आयुक्त गढ़वा से इसकी शिकायत (दिनांक तीन जून 2024) की थी. श्री दुबे की शिकायत के बाद उप विकास आयुक्त गढ़वा ने मझिआंव बीडीओ को जांच के आदेश दिये थे. जांच में गडबड़ी की पुष्टि हो गयी थी.

जांच रिपोर्ट भेज दी गयी थी : इधर इस संबंध में तत्कालीन कनीय अभियंता शैलेश तिवारी ने पुराने कूप को तोड़कर, उसी पर नया कूप बनाये जाने की बात को सही बताया. कहा कि जांच रिपोर्ट वरीय पदाधिकारी को भेज दी गयी है.

जांच रिपोर्ट देखकर होगी कार्रवाई : बीडीओइस संबंध में सीओ सह प्रभारी बीडीओ प्रमोद कुमार ने कहा कि वह अभी नये आये हैं. लाभुक सुदामा साहू के सिंचाई कूप के अभिलेख एवं जांच रिपोर्ट देखने के बाद ही रिकवरी होगी.

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