गढ़वा में 17 एकड़ में तरबूज की आधुनिक खेती, किसानों के लिए प्रेरणा का केंद्र

भवनाथपुर प्रखंड के कचछरवा गांव में कृषि विभाग और एनजीओ की पहल से बीज गुणन प्रक्षेत्र में आधुनिक खेती का मॉडल

भवनाथपुर प्रखंड के कचछरवा गांव में कृषि विभाग और एनजीओ की पहल से बीज गुणन प्रक्षेत्र में आधुनिक खेती का मॉडल

विजय सिंह, भवनाथपुर

भवनाथपुर प्रखंड की बनसानी पंचायत के कचछरवा गांव में कृषि विभाग की पहल पर लगभग 25 एकड़ में विकसित बीज गुणन प्रक्षेत्र के 17 एकड़ खेत में तरबूज की उन्नत तकनीक से खेती की जा रही है. यह गढ़वा जिले में इस पैमाने पर तरबूज की खेती का पहला प्रयास है और स्थानीय किसानों के लिए प्रेरणा का केंद्र बन रहा है. करीब दो वर्ष पूर्व राज्य सरकार के कृषि विभाग ने समेकित बिरसा ग्राम विकास योजना के तहत चार करोड़ रुपये की लागत से इस बीज गुणन प्रक्षेत्र और कृषक पाठशाला योजना को स्वीकृति दी थी. योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश के अमेठी स्थित सीटीइडी नामक एनजीओ को सौंपी गयी थी. इस योजना के तहत प्रक्षेत्र का समग्र विकास किया गया है, जिसमें कृषक पाठशाला, गाय शेड, बकरी शेड, सूअर शेड, मछली पालन के लिए तालाब और सात एकड़ में फलदार पौधों का रोपण शामिल है.

मल्चिंग पेपर व ड्रिप इरीगेशन तकनीक से की गयी खेती

17 एकड़ में मल्चिंग पेपर और ड्रिप इरीगेशन जैसी आधुनिक तकनीकों से तरबूज की खेती की गयी है, जिससे पानी की बचत के साथ फसल की गुणवत्ता और आकार में सुधार हुआ है. एनजीओ के प्रोजेक्ट मैनेजर प्रदीप कुमार सैनी ने बताया कि फसल उम्मीद से बेहतर हुई है और जल्द ही उत्पादन झारखंड के रांची मंडी, बनारस और अन्य बड़े बाजारों में भेजा जायेगा.

मोटर युक्त बोरिंग की सुविधा भी उपलब्ध करायी गयी

सात बिरसा ग्रामों के किसानों को पांच एचपी मोटर युक्त डीप बोरिंग की सुविधा भी उपलब्ध करायी गयी है. कुल मिलाकर यह पहल आधुनिक खेती, तकनीक के उपयोग और बाजार से जुड़ाव का सफल उदाहरण बन रही है, जिससे आने वाले समय में किसानों की आय और कृषि के प्रति रुचि बढ़ने की पूरी संभावना है.

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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