गढ़वा में मनरेगा योजना बेअसर, मजदूर पलायन को हैं विवश

ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) लागू की है. लेकिन यह योजना फेल होती दिख रही है. इस कारण इलाके से मजदूरों को पलायन उनकी नियति बन गयी है

गढ़वा : ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) लागू की है. लेकिन यह योजना फेल होती दिख रही है. इस कारण इलाके से मजदूरों को पलायन उनकी नियति बन गयी है. डंडई प्रखंड से बड़ी संख्या में लोग रोजगार की तलाश में बड़े शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं. विदित हो कि मनरेगा के तहत ग्रामीणों को उनके ग्राम पंचायत में ही 100 दिनों का रोजगार दिलाया जाना है. लेकिन मजदूरों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है.

हकीकत यह है कि गरीब लोगों के काम करने के बाद भी मस्टररोल पर मजदूरी नहीं चढ़ायी जाती है. गांवों में कई फर्जी जॉब कार्ड धारक भी हैं. जिनकी वजह से योग्य लाभुकों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है. डंडई, पचौर, रारो, लवाही व करके सहित अन्य पंचायत के सैकड़ों ग्रामीण मजदूर टेंपो अथवा कमांडर से रेलवे स्टेशन पहुंच रहे हैं. वे काम की तलाश में दिल्ली, हैदराबाद, हरियाणा व गुजरात जैसे राज्यों में पलायन कर रहे हैं. उनका कहना है कि इस वर्ष वर्षा के अभाव में खेती-बारी भी नहीं हो सकी. पूरी तरह से सूखा पड़ा है. इस कारण खेतों में मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है.

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