गर्मी में भी लहलहा रही गेंदे की खेती, पलामू से पहुंच रहे खरीदार

डेढ़ बीघा जमीन में फूलों की खेती कर जयनहरा का किसान कमा रहा अच्छा मुनाफा

डेढ़ बीघा जमीन में फूलों की खेती कर जयनहरा का किसान कमा रहा अच्छा मुनाफा प्रतिनिधि कांडी भीषण गर्मी के बीच जहां अधिकांश खेत सूने नजर आते हैं, वहीं कांडी प्रखंड की खरौंधा पंचायत स्थित जयनगरा गांव में गेंदा के फूलों से लहलहाते खेत लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं. गांव निवासी किसान राकेश कुमार साह ने मेहनत और नययी सोच के दम पर यह साबित कर दिया है कि आधुनिक खेती अपनाकर किसान बेहतर आमदनी हासिल कर सकते हैं. किसान राकेश कुमार साह ने लीज पर ली गयी करीब डेढ़ बीघा जमीन में गेंदे के फूल की खेती की है. राकेश के खेत से केवल गढ़वा ही नहीं, बल्कि पलामू जिले के विभिन्न प्रखंडों से लोग फूल और फूल माला खरीदने पहुंच रहे हैं. राकेश वर्ष 2009 से फूल और माला का कारोबार कर रहे हैं. राकेश ने बताया कि एक बार वह किसी काम से महाराष्ट्र के कोल्हापुर गये थे. वहां उन्होंने बड़े पैमाने पर किसानों को फूलों की खेती करते और उससे अच्छा मुनाफा कमाते देखा. वहीं से उनके मन में पारंपरिक खेती छोड़ आधुनिक खेती अपनाने का विचार आया. कोलकाता से बीज लाकर लीज की जमीन पर शुरू की खेती किसान राकेश ने बताया कि गेंदे के फूल का बीज वह कोलकाता से लाये और लीज पर जमीन लेकर खेती शुरू की. 15 जनवरी को फूल की रोपाई की गयी थी और लगभग 70 दिनों बाद पहली हार्वेस्टिंग हुई. राकेश ने कहा कि पारंपरिक खेती जैसे धान, गेहूं, मक्का और सब्जी की खेती में किसानों को काफी मेहनत करनी पड़ती है. इसके बावजूद नीलगाय और जंगली सूअरों से फसल को भारी नुकसान पहुंचता है. जबकि फूलों की खेती में जंगली जानवरों से नुकसान का खतरा बहुत कम रहता है. समय पर सिंचाई व कीटनाशक का उपयोग जरूरी राकेश ने बताया कि फूलों की खेती में समय-समय पर सिंचाई और कीटनाशक का उपयोग करना पड़ता है. सिंचाई के लिए वह सोलर पंप का इस्तेमाल करते हैं. खेती के अलावा राकेश की फूल-माला की दुकान भी है. साथ ही उनके पास डेकोरेशन से जुड़ी सामग्री भी उपलब्ध है. उन्होंने बताया कि फिलहाल बैंगन ग्राफ्टिंग का भी ट्रायल चल रहा है और आने वाले समय में लोग एक नयी पहल देखेंगे.

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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