मरहटिया आश्रम में श्रद्धा, सेवा और संस्कार के संकल्प के साथ मना श्री सर्वेश्वरी समूह का स्थापना दिवस

श्री सर्वेश्वरी समूह का स्थापना दिवस गढ़वा के महावराह पीठ में श्रद्धा, सेवा और संस्कार के संकल्प के साथ मनाया गया. मानव सेवा और संस्कार पर जोर.

गढ़वाः श्री सर्वेश्वरी समूह की मरहटिया शाखा स्थित महावराह पीठ में समूह का स्थापना दिवस श्रद्धा, भक्ति और सेवा भावना के साथ मनाया गया. सुबह प्रभात फेरी से शुरू हुआ कार्यक्रम देर रात तक संकीर्तन के साथ चला. पूरे दिन आश्रम परिसर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा और बड़ी संख्या में महिला-पुरुष अनुयायी एवं श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए.

सुबह चार बजे से शुरू हुई कार्यक्रम की तैयारी

कार्यक्रम को लेकर सुबह चार बजे से ही स्वयंसेवक आश्रम परिसर की साफ-सफाई और तैयारियों में जुट गये थे. सुबह छह बजे वाहन की पूजा-अर्चना के बाद प्रभात फेरी सह परिभ्रमण शुरू हुआ. करीब 30 किलोमीटर के परिभ्रमण के दौरान पंचपड़वा प्रार्थना गृह में परम पूज्य अघोरेश्वर भगवान राम की पूजा-अर्चना और आरती की गई. रांची से पहुंचे वीरेंद्र चौबे ने श्री सर्वेश्वरी ध्वज फहराया. करीब 9.15 बजे परिभ्रमण के बाद वाहन आश्रम लौटा, जहां आरती के साथ प्रभात फेरी का समापन हुआ.

ये भी पढ़ें- 35 साल बाद फिर साथ दिखे सेल माइंस उच्च विद्यालय के 1990 बैच के सहपाठी, यादें हुईं ताजा

मानव सेवा और संस्कार को जीवन में उतारने का संदेश

इस अवसर पर शाखा उपाध्यक्ष रवींद्र नाथ द्विवेदी ने परम पूज्य गुरुपद संभव राम जी के संदेशों से अनुयायियों को अवगत कराया. उन्होंने कहा कि परम पूज्य अघोरेश्वर भगवान राम ने श्री सर्वेश्वरी समूह की स्थापना मानव कल्याण और मानव सेवा के उद्देश्य से की थी. उन्होंने बताया कि परम पूज्य गुरुपद संभव राम जी इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए युवाओं को अपनी जड़ों और खेती की ओर लौटने, पर्यावरण संरक्षण तथा समाज की कुरीतियों के खिलाफ सजग रहने का संदेश देते हैं.

उन्होंने कहा कि परम पूज्य गुरुपद संभव राम जी संत के साथ सैनिक का आचरण रखने की प्रेरणा देते हैं. इसका उद्देश्य सेवा, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है. अपनी संस्कृति और संस्कारों की रक्षा के लिए इन्हें केवल विचारों तक सीमित रखने के बजाय आचरण में उतारना जरूरी है. मानव सेवा को जीवन का हिस्सा बनाकर समाज में सेवा भावना का वातावरण तैयार करना ही परम पूज्य अघोरेश्वर भगवान राम के विचारों को आत्मसात करने का मार्ग है.

ये भी पढ़ें- भवनाथपुर में 41 साल से यात्री ट्रेन का इंतजार, घोषणा और सर्वे के बाद भी नहीं बदली तस्वीर

भजन और पारिवारिक गोष्ठी में रखे गए विचार

पूर्वाह्न 11 बजे स्थानीय गायकों ने भक्ति गीत और भजनों की प्रस्तुति दी. इसके बाद दोपहर में सुशीला द्विवेदी की अध्यक्षता में पारिवारिक गोष्ठी आयोजित हुई. इसमें डॉ शशांक भारद्वाज और पूनम सिंह विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थीं. कार्यक्रम का संचालन झब्बूजी ने किया. गोष्ठी में ‘श्री सर्वेश्वरी विचार, महावराह तथा भारतीय संस्कृति और संस्कार : आज के विश्व में आवश्यकता और औचित्य’ विषय पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे.

लंगर में सैकड़ों लोगों ने ग्रहण किया प्रसाद

दोपहर में प्रसाद वितरण और लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया. शाम सात बजे से रात करीब 10 बजे तक संकीर्तन का आयोजन हुआ. संकीर्तन के दौरान आश्रम परिसर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा.कार्यक्रम में डीपीएम (स्वास्थ्य) गौरव कुमार, गढ़वा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष बबलू पटवा सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष अनुयायी और श्रद्धालु उपस्थित थे.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Avinash Singh

अविनाश कुमार सिंह प्रभात खबर के गढ़वा ब्यूरो चीफ हैं. वह आंचलिक से लेकर राज्य मुख्यालय तक 27 वर्ष से अधिक की पत्रकारिता का अनुभव रखते हैं. राजनीतिक विश्लेषण, क्राइम रिपोर्टिंग, हाई-प्रोफाइल इंटरव्यू और खोजी पत्रकारिता.में इन्हें महारत हासिल है. अविनाश कुमार सिंह झारखंड की पत्रकारिता और 'प्रभात खबर' के विश्वसनीय चेहरा हैं, जिन्होंने खबरों की गुणवत्ता को हमेशा प्राथमिकता दी है. लगभग तीन दशकों (27 वर्ष) के अपने लंबे सफर में उन्होंने पलामू ब्यूरो प्रमुख के रूप में 10 साल से अधिक समय तक नेतृत्व किया. इसके बाद प्रदेश मुख्यालय (रांची) में काम करते हुए, विशेषकर वर्ष 2024 के चुनावों के दौरान, उनके सटीक चुनावी विश्लेषण और राजनीतिक रिपोर्टिंग ने काफी प्रभाव छोड़ा.उनकी लेखनी का दायरा बेहद व्यापक है—संवेदनशील क्राइम रिपोर्टिंग से लेकर प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के इंटरव्यू तक, उनकी हर खबर चर्चा में रही है. पत्रकारिता के माध्यम से कई बड़े मामलों का उद्भेदन करना उनकी विशेष पहचान है.झारखंड राज्य गठन के बाद अविनाश ने पलामू में काम करते हुये राजनीतिक से जुड़ी कई ऐसी खबर को ब्रेक किया ,जिसका असर राज्य की राजनीतिक पड़ा .प्रयोगधर्मी पत्रकार के रूप में भी इनकी पहचान है .संस्थान के प्रति समर्पण के लिए उन्हें 'बेस्ट एम्प्लोयी' जैसे पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है. प्रभात खबर के संघर्ष से लेकर इसके विकास और उत्थान के सफर में अविनाश एक सक्रिय सहभागी और सहयात्री रहे हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >