जितेंद्र सिंह, गढ़वा वैश्विक स्तर पर डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति में आयी कमी अब छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों तक दिखने लगी है. झारखंड के सीमावर्ती जिले गढ़वा के कई पेट्रोल पंपों पर पिछले एक सप्ताह से ईंधन की किल्लत बनी हुई है. कुछ पंपों पर ईंधन पूरी तरह समाप्त हो गया है, जिनमें लगमा व नवादा मोड़ पोट्रोल पंप शामिल हैं. जबकि जहां उपलब्ध है वहां सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं. बाइक, कार, ऑटो, बस और मालवाहक वाहन चालकों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है. जिले के जिला मुख्यालय सहित मेराल, रमना, रंका, भवनाथपुर, खरौंधी, कांडी, मझिआंव, नगर ऊंटारी, डंडई, बिशुनपुरा और चिनिया प्रखंडों के कई पेट्रोल पंपों पर आपूर्ति प्रभावित है. गढ़वा जिले में हिंदुस्तान पेट्रोलियम, भारत पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल और रिलायंस कंपनी के लगभग 60 पेट्रोल पंप संचालित हैं. सीमावर्ती होने के कारण जिले में सामान्य दिनों से अधिक ईंधन की खपत रहती है. गढ़वा उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और बिहार की सीमा से जुड़ा होने के कारण प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं. जिले के सात प्रमुख पेट्रोल पंपों पर सामान्य दिनों की तुलना में भारी भीड़ देखी जा रही है. गढ़वा जिले में प्रतिमाह लगभग 8 लाख लीटर पेट्रोल और 30 लाख लीटर डीजल की खपत होती है. कृषि, परिवहन और निर्माण कार्यों में डीजल की बड़ी मात्रा में आवश्यकता पड़ती है. वर्तमान समय में तेल की आपूर्ति घटने से संकट गहरा रहा है. पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि पहले कंपनियां उधार व्यवस्था के तहत भी तेल उपलब्ध कराती थीं, लेकिन अब पहले भुगतान करने के बाद ही आपूर्ति हो रही है. इससे छोटे और मध्यम स्तर के पंप संचालकों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है. एक टैंकर से नहीं पूरी हो पा रही मांग प्रत्येक टैंकर में लगभग 12,000 से 20,000 लीटर डीजल या पेट्रोल आता है, जबकि अधिकांश पंपों पर प्रतिदिन इससे अधिक मांग होती है. कई पंपों पर टैंकर एक दिन छोड़कर पहुंच रहा है, जिससे स्टॉक जल्दी समाप्त हो रहा है. टैंकर आने की सूचना मिलते ही लंबी कतारें लग जाती हैं, और कई लोग अतिरिक्त तेल खरीदकर भंडारण करने का प्रयास कर रहे हैं. घबराकर डीजल-पेट्रोल का अनावश्यक भंडारण न करें: अलखनाथ गढ़वा जिला पेट्रोलियम एसोसिएशन के अध्यक्ष अलखनाथ पांडेय ने कहा कि तेल की आपूर्ति पूरी तरह बंद नहीं हुई है, बल्कि कुछ कमी आयी है. उन्होंने आम लोगों से अपील की कि घबराकर डीजल-पेट्रोल का अनावश्यक भंडारण न करें. जितनी जरूरत हो उतना ही तेल खरीदें, ताकि सभी को आसानी से ईंधन उपलब्ध हो सके. उन्होंने कहा कि संयम बनाये रखने से स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है.
ढ़वा के कई पंपो पर ईंधन नहीं, कई पर लंबी कतारें
ढ़वा के कई पंपो पर ईंधन नहीं, कई पर लंबी कतारें
