गढ़वा : मझिआंव की बेटी आकृति का निशाना अचूक, पहले रीजनल में ब्रॉन्ज और अब नेशनल में किया बंगाल का प्रतिनिधित्व

मझिआंव की आकृति कुमारी ने नेशनल राइफल शूटिंग प्रतियोगिता में बंगाल का प्रतिनिधित्व कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है. जानिए उनकी इस शानदार उपलब्धि के बारे में.

मनोज दूबे की रिपोर्ट

मझिआंव (गढ़वा). नगर पंचायत मझिआंव के मझिआंव खुर्द की बेटी आकृति कुमारी ने राइफल शूटिंग में शानदार प्रदर्शन कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है. आकृति ने CISCE रीजनल गेम्स एंड स्पोर्ट्स 2026 में एयर राइफल ओपन साइट अंडर-19 गर्ल्स वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया.

रीजनल प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन

रीजनल प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर आकृति का चयन बंगाल स्टेट टीम के माध्यम से नेशनल गेम के लिए हुआ. उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में आयोजित नेशनल गेम में उसने बंगाल का प्रतिनिधित्व किया. उसकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ क्षेत्र में भी खुशी का माहौल है.

कक्षा 11 में पढ़ रही हैं आकृति

आकृति के पिता अजीत कुमार तिवारी ने बताया कि उसने कक्षा एक से तीन तक की पढ़ाई मझिआंव में की है. वर्तमान में वह पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के डानकुनी स्थित जेवियर्स मॉडल सेकेंडरी स्कूल में कक्षा 11 की छात्रा है. विद्यालय की ओर से आकृति विभिन्न राइफल शूटिंग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेती है. लगातार बेहतर प्रदर्शन के कारण उसे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में बंगाल की टीम का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला.

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कड़ी मेहनत जारी रखने का लक्ष्य

आकृति ने कहा कि वह आगे भी राइफल शूटिंग में बेहतर प्रदर्शन के लिए कड़ी मेहनत जारी रखेगी. उसका लक्ष्य अपने विद्यालय के साथ मझिआंव क्षेत्र और अपने दादा चंद्रशेखर तिवारी का नाम रोशन करना है.

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By Avinash Singh

अविनाश कुमार सिंह प्रभात खबर के गढ़वा ब्यूरो चीफ हैं. वह आंचलिक से लेकर राज्य मुख्यालय तक 27 वर्ष से अधिक की पत्रकारिता का अनुभव रखते हैं. राजनीतिक विश्लेषण, क्राइम रिपोर्टिंग, हाई-प्रोफाइल इंटरव्यू और खोजी पत्रकारिता.में इन्हें महारत हासिल है. अविनाश कुमार सिंह झारखंड की पत्रकारिता और 'प्रभात खबर' के विश्वसनीय चेहरा हैं, जिन्होंने खबरों की गुणवत्ता को हमेशा प्राथमिकता दी है. लगभग तीन दशकों (27 वर्ष) के अपने लंबे सफर में उन्होंने पलामू ब्यूरो प्रमुख के रूप में 10 साल से अधिक समय तक नेतृत्व किया. इसके बाद प्रदेश मुख्यालय (रांची) में काम करते हुए, विशेषकर वर्ष 2024 के चुनावों के दौरान, उनके सटीक चुनावी विश्लेषण और राजनीतिक रिपोर्टिंग ने काफी प्रभाव छोड़ा.उनकी लेखनी का दायरा बेहद व्यापक है—संवेदनशील क्राइम रिपोर्टिंग से लेकर प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के इंटरव्यू तक, उनकी हर खबर चर्चा में रही है. पत्रकारिता के माध्यम से कई बड़े मामलों का उद्भेदन करना उनकी विशेष पहचान है.झारखंड राज्य गठन के बाद अविनाश ने पलामू में काम करते हुये राजनीतिक से जुड़ी कई ऐसी खबर को ब्रेक किया ,जिसका असर राज्य की राजनीतिक पड़ा .प्रयोगधर्मी पत्रकार के रूप में भी इनकी पहचान है .संस्थान के प्रति समर्पण के लिए उन्हें 'बेस्ट एम्प्लोयी' जैसे पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है. प्रभात खबर के संघर्ष से लेकर इसके विकास और उत्थान के सफर में अविनाश एक सक्रिय सहभागी और सहयात्री रहे हैं.

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