महुआटीकर हादसे से सबक: बड़गड़ की टेहरी पंचायत में लगा बैंक का विशेष केवाईसी शिविर, उमड़ी भीड़

महुआटीकर हादसे से सबक लेते हुए बड़गड़ की टेहरी पंचायत में झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक ने विशेष केवाईसी शिविर लगाया, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली।

घनश्याम सोनी की रिपोर्ट

बड़गड़ (गढ़वा): बड़गड़ प्रखंड के महुआटीकर गांव के वृद्ध पेंशनधारी रतन लकड़ा की इलाज के अभाव में हुई दर्दनाक मौत और उसके बाद उपजे प्रदेशव्यापी जनाक्रोश से सबक लेते हुए आखिरकार प्रशासन व बैंक प्रबंधन सुदूरवर्ती इलाकों के प्रति गंभीर हुए हैं. इसी कड़ी में गुरुवार को प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत टेहरी में झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक की ओर से विशेष केवाईसी अद्यतन शिविर का आयोजन किया गया. यह शिविर बड़गड़ क्षेत्र के लिए इसलिए भी बेहद खास और संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि कुछ समय पूर्व महुआटीकर निवासी पेंशनधारी रतन लकड़ा की मौत की मुख्य वजह बैंक खाते का केवाईसी न होना ही बताया गया था. चर्चा थी कि बीमार रतन के खाते में सरकारी पेंशन की राशि होने के बावजूद वे अपने इलाज के लिए पैसे नहीं निकाल सके थे, क्योंकि उनका केवाईसी अपडेट नहीं था. इस हृदयविदारक घटना के बाद क्षेत्र में भारी हंगामा हुआ था, जिस पर खुद सूबे के मुख्यमंत्री ने कड़ा संज्ञान लेते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई थी. इसके बाद दोषी मैसेंजर को बर्खास्त कर दिया गया था और तत्कालीन बैंक प्रबंधक के खिलाफ विभागीय व कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई थी. इस बड़ी प्रशासनिक हलचल और सबक के बाद आयोजित इस विशेष शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को घर के पास ही सुगम बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराना और खातों के संचालन में आने वाली तकनीकी बाधाओं का ऑन द स्पॉट समाधान करना था. शिविर के दौरान बैंक अधिकारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए ग्रामीणों के आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन कर मौके पर ही केवाईसी की प्रक्रिया पूरी की. इसके साथ ही ग्रामीणों को विभिन्न बैंकिंग सेवाओं, खातों की सुरक्षा, ऑनलाइन साइबर ठगी से बचाव और समय-समय पर केवाईसी अपडेट कराने के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देकर जागरूक किया. मौके पर उपस्थित टेहरी पंचायत की मुखिया विनको टोप्पो ने कहा कि सुदूरवर्ती पंचायतों में इस तरह के बैंकिंग शिविर लगाना एक बेहद सराहनीय और जरूरी पहल है. इससे ग्रामीणों का समय और पैसा दोनों बच रहा है, साथ ही बैंक जाने की बड़ी परेशानी दूर हुई है. उन्होंने झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक के अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के जनहितकारी शिविरों का निरंतर आयोजन होना चाहिए ताकि रतन लकड़ा जैसी किसी अन्य अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति न हो और अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग सेवाओं का लाभ बिना किसी अड़चन के आसानी से मिल सके. शिविर में भारी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने अपने बैंक खातों को सुचारू रखने के लिए तत्परता से केवाईसी कराया और बैंक की इस जनोपयोगी पहल की सराहना की.


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Author: Prabhat khabar news desk

Published by: Sweta Vaidya

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